अब शारीरिक अक्षमता के कारण मतदान न कर पाने का मलाल दिव्यांगों को नहीं सताएगा। ऐसे लोगों को पोलिंग बूथ तक ले जाने की जिम्मेदारी प्रशासनिक अधिकारी निभाएंगे। चुनाव आयोग के निर्देशों के बाद प्रशासन दिव्यांगों की सूची बनाने में जुट गया है।
अभी तक वोटर लिस्ट में नाम नहीं होने या शारीरिक अक्षमता के कारण दिव्यांग चुनाव में वोट डालने से वंचित रह जाते थे। इस बार चुनाव आयोग मतदान फीसदी बढ़ाने के लिए सजग हो गया है। आयोग ने इसके तहत मतदान में दिव्यांगों की शत प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पहल की है।
अब मतदान के दौरान दिव्यांगों को घर से पोलिंग बूथ पर लाने और वापस घर छोड़ने की जिम्मेदारी स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी निभाएंगे। इसके अलावा दिव्यांगों का वोटर लिस्ट में नाम जोड़ा जाना भी सुनिश्चित किया जाएगा।
कोई भी दिव्यांग मतदाता सूची से गायब न रहने पाए। इस संबंध में बीएलओ को आदेश दे दिया गया है।
जिला सहायक निर्वाचन अधिकारी श्रवण कुमार त्यागी ने बताया कि चुनाव आयोग के आदेश से अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। इसके अलावा इस बात का भी ध्यान रखा जाएगा कि पोलिंग बूथ पर भी दिव्यांग को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिले में चल रहे पुनरीक्षण कार्य की अब तक की समीक्षा के लिए केंद्रीय निर्वाचन आयोग की टीम हापुड़ आएगी। इस माह के अंत तक यह टीम हापुड़ पहुंचकर यहां की स्थिति का जायजा लेने के साथ-साथ चुनाव के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश भी देगी।