24 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद हाईटेंशन लाइन को दुरुस्त कर बिजलीघरों को चालू कराने का दावा कर रहे निगम अफसरों की पोल फिर से खुल गई है। 24 घंटे बंद रहने के बाद महज दो घंटे ही रामपुर रोड बिजलीघर से उपभोक्ताओं को आपूर्ति मिल सकी।
अफसर अपने घरों पर सोते रहे और पावर स्टेशन दोबारा से ठप हो गया। लोगों में रोष देख अफसरों ने बुधवार रात दो बजे दिल्ली रोड बिजलीघर से प्रभावित मोहल्लों को आपूर्ति दी। बृहस्पतिवार शाम तक भी इसे चालू नहीं किया जा सका था।
मंगलवार अपराह्न करीब 3.30 बजे हाईटेंशन लाइन पर आकाशीय बिजली गिरने से दर्जनों इंसुलेटर में फाल्ट हो गया था। इससे पटना मुरादपुर व रामपुर रोड बिजलीघर ठप हो गए थे। करीब 24 घंटे की मशक्कत के बाद अफसरों ने बुधवार अपराह्न दो बजे रामपुर रोड बिजलीघर को चालू कराया था।
लेकिन दो घंटे बाद ही सप्लाई ठप हो गई। अफसर लखनऊ से कटौती की बात कहकर लोगों को गुमराह करते रहे। रात तक भी आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो लोगों में रोष फैलना शुरू हो गया।
उपभोक्ताओं का गुस्सा देख अफसरों ने रात दो बजे प्रभावित मोहल्लों को दिल्ली रोड बिजलीघर से आपूर्ति दिलाई। आश्चर्य की बात यह है कि बृहस्पतिवार देर शाम तक भी रामपुर रोड बिजलीघर को चालू नहीं कराया जा सका था।
मोहल्ला करीमपुरा, अलीनगर, कोटला, सिकंदर गेट, ईदगाह रोड समेत बुलंदशहर रोड के कई इलाकों की बत्ती गुल रही।
फाल्ट के दुरुस्त न होने का मुख्य कारण निगम अफसरों का फील्ड में नहीं निकलना है। अवर अभियंता, लाइनमैन जल्दबाजी के चक्कर में उल्टा सीधा कार्य कर पल्ला झाड़ लेते हैं। फाल्ट की टेक्निकल जांच नहीं होती, यही कारण है कि रामपुर रोड बिजलीघर महज दो घंटे ही चालू रह सका।
अधिशासी अभियंता पीके गौतम का कहना है कि आकाशीय बिजली के गिरने से लाइन में कई जगह पर फाल्ट हो गया था। लाइन को दुरुस्त कर दिया गया था, लेकिन फिर से इंसूलेटर में समस्या बन गई। लाइन को चालू कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। प्रभावित मोहल्लों को आपूर्ति दिला दी गई है।