मानव संसाधन मंत्रालय द्वारा अफसरों पर लगातार दबाव और दो गांवों के प्रधानों के जमीन उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद जिले में नवोदय विद्यालय का रास्ता साफ हो गया है।
गोहरा और हिम्मतपुर गांव के प्रधानों की शुक्रवार को डीआईओएस कार्यालय में नवोदय अधिकारी से वार्ता हुई, इसके बाद अफसर ने राहत की सांस ली। भारत सरकार से जिले में नवोदय विद्यालय की स्थापना को कई माह पूर्व हरी झंडी मिल चुकी है।
विद्यालय के लिए छह करोड़ रुपये की राशि भी स्वीकृत हो चुकी है, लेकिन अफसरों के काफी प्रयास के बाद भी जिले में विद्यालय के लिए 60 बीघा जमीन नहीं मिल सकी थी।
हालांकि, अस्थायी रूप से नवोदय विद्यालय को चलाने के लिए डायट परिसर स्थित राजकीय कन्या विद्यालय में तीन कमरे उपलब्ध कराए गए थे। वहीं, स्थायी विद्यालय के लिए जमीन न मिलने पर मानव संसाधन मंत्रालय ने अधिकारियों से संज्ञान लिया।
तीन दिन पूर्व मंत्रालय की ओर से फोन पर जल्द जमीन तलाशने के कड़े निर्देश भी मिले थे। इससे संबंधित अधिकारियों की बेचैनी बढ़ गई। गांव गोहरा के प्रधान संचित त्यागी और हिम्मतपुर के प्रधान शुक्रवार को डीआईओएस कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने अपने गांवों में नवोदय विद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध कराने की बात कही। इससे अफसरों ने राहत की सांस ली। नवोदय विद्यालय के प्रधानाचार्य पीके रॉय ने बताया कि जल्द ही वह दोनों गांवों में निरीक्षण कर, जमीन का जायजा लेंगे।
सरकार से विद्यालय निर्माण की पहली किस्त मिल चुकी है। जमीन का रास्ता साफ होते ही विद्यालय का निर्माण शुरू करा दिया जाएगा।