गढ़ और सिंभावली क्षेत्र में दो और लोगों की ठंड से मौत हो गई। गांव बदरखा में युवक और गांव हाजीपुर में अधेड़ ने दम तोड़ा दिया।
उनके परिजन ठंड को मौत का कारण बता रहे हैं, लेकिन प्रशासन दोनों की मौत का कारण बीमारी कह रही है।
गढ़ के निकटवर्ती गांव बदरखा में रहने वाला वीर सिंह (35) पुत्र सुखदेव चौहान मजदूरी करता था। उसकी रविवार तड़के में पांच बजे मौत हो गई।
उसकी पत्नी बीना का कहना है कि पति को तीन दिन पहले ठंड लग ग्रइ थी। ठंछ लगने के कारण ही उनकी जान चली गई।
ग्रामीणों का कहना है कि वीरसिंह बेहद गरीब है और वह पक्का मकान तक नहीं बनवा पाया है। उधर, सिंभावली के हाजीपुर गांव में मजदूर वासुदेव जाटव (50) की शनिवार रात मौत हो गई। उसकी पत्नी श्यामो देवी का कहना है कि पति को दो दिन पहले ठंड लग गई थी।
शनिवार रात पति की तबियत ज्यादा बिगड़ गई थी और उनकी मौत हो गर्ठ। प्रधान रवि कुमार और बसपा के मंडल कोऑर्डिनेटर डॉ. कुंवरपाल निमेष का कहना है कि वासुदेव के पांच बच्चे हैं। परिवार बीपीएल श्रेणी से जुड़ा है और भुखमरी के संकट पर है।
16 दिसंबर को गांव जखैड़ा रहमतपुर में स्याना दूध प्लांट के कर्मचारी हरिशंकर शर्मा, 22 दिसंबर को गांव अठसैनी में मुल्ला शमशाद, 25 दिसंबर को गांव उपैड़ा में जितेंद्र मुखिया, 26 दिसंबर को गांव मुहम्मदपुर रुस्तमपुर में इजलालअहमद की ठंड से मौत हो चुकी है। हालांकि प्रशासन इन मौतों का कारण बीमारी बता रही है।
एसडीएम केबी सिंह का कहना है कि वीर सिंह की मौत सर्दी से नहीं बीमारी से हुई है। लेखपाल को गांव में भेजकर जांच पड़ताल करा ली गई है।
हापुड़ एसडीएम शमशाद हुसैन का कहना है कि गांव हाजीपुर के मजदूर वासुदेव जाटव की मौत होने की सूचना पर हल्का लेखपाल और कानूनगो को गांव में भेजकर जांच कराई गई है। वासुदेव की मौत बीमारी से होने की पुष्टि हुई है।