हापुड़। प्रीपेड मीटर होने पर हापुड़ के 18 हजार उपभोक्ताओं की निगम में जमा सिक्योरिटी (करीब 2.72 करोड़) को बिल से समायोजित कर उन्हें बिजली दे दी गई। अब इन मीटरों के पोस्टपेड होने पर फिर निगम में सिक्योरिटी जमा करनी होगी। इसके लिए आने वाले चार बिलों में यह पैसा जुड़कर आएगा। साथ ही बिल अब मैनुअल नहीं मिलेगा, बल्कि व्हाट्स एप/एसएमएस के माध्यम से मिलेगा।
जिले के तीनों डिवीजन में करीब सवा तीन लाख उपभोक्ता हैं। इनके परिसरों पर लगे डिजिटल मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। पिछले दिनों स्मार्ट मीटरों में करीब 18 हजार मीटर प्रीपेड में परिवर्तित किए गए थे। सिर्फ शहरी क्षेत्रों में ही प्रीपेड मीटर की शुरूआत हुई थी। हालांकि हंगामों के बाद इस प्रक्रिया को अब रोक दिया गया है, लेकिन बड़ी समस्या यह बन गई है कि अब निगम को इन उपभोक्ताओं से फिर सिक्योरिटी का पैसा जमा कराना होगा।
दरअसल, प्रीपेड मीटर में सिक्योरिटी राशि जमा करने का प्रावधान नहीं है। ऐसे में सभी 18 हजार उपभोक्ताओं की सिक्योरिटी को उनके बिल में समायोजित कर दिया गया था। यही कारण रहा था कि शुरूआत में मीटर रिचार्ज न करने पर भी उपभोक्ताओं को बिजली मिलती रही थी। दो किलोवाट के घरेलू कनेक्शन पर सिक्योरिटी करीब 1200 से 1500 रुपये ली जाती है। कनेक्शन की क्षमता जितनी अधिक बढ़ती है, सिक्योरिटी भी उसी अनुपात में बढ़ती चली जाती है। औसत दो किलोवाट भार के कनेक्शन मानें तो भी 18 हजार उपभोक्ताओं की करीब 2.72 करोड़ रुपये सिक्योरिटी अब खत्म हो चुकी है।
निगम की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सिक्योरिटी की समायोजित धनराशि को चार किश्तों लिया जाएगा। पहली किश्त जून महीने के बिल में जुड़कर आएगी।
रिचार्ज खत्म होते ही पोस्टपेड में बदल जाएगा मीटर : प्रीपेड मीटरों को मुख्यालय स्तर से ही पोस्ट पेड में परिवर्तित किया जाना है। जैसे-जैसे मीटरों का रिचार्ज खत्म होता जाएगा, वह स्वत: ही पोस्ट पेड में परिवर्तित हो जाएंगे। कुछ मामलों में यदि बिजली कटी तो ऐसे उपभोक्ता निगम कार्यालय में संपर्क कर सकेंगे। (संवाद)