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Hapur News: ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम न लगाने पर 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हापुड़। एनसीआर क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए अब सख्ती शुरू की गई है। फैक्टरी की चिमनी में ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम न लगाने पर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों के संचालकों को नोटिस जारी किए हैं। इन सभी को 15 नवंबर तक व्यवस्थाओं में सुधार के आदेश दिए हैं। हालांकि, अभी अन्य इकाइयों को भी नोटिस की प्रक्रिया जारी है।
इस बार जल और वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) अलर्ट हो गया है। सितंबर और अक्तूबर माह में फैक्टरी में प्रदूषण के स्तर को देखने के लिए जांच की गई थीं, इसमें जिन उद्योग में पहले से सिस्टम लगा हुआ है, उन्हें नए मानक के अनुसार अपडेट करना होगा। इसके लिए भी 15 नवंबर तक का समय है। जांच के बाद अब नोटिस जारी किए गए हैं, यह नोटिस भी सीपीसीबी ने जारी किए हैं। इसके बाद अब यह ऑनलाइन सिस्टम लगाना होगा।
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बता दें कि अभी तक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा लाल कैटेगरी की ही औद्योगिक इकाई में ही इसे लगवाया जाता था, लेकिन अब नए मानकों के तहत अन्य औद्योगिक इकाइयों में भी सिस्टम लगाना होगा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी उद्योगों में लगी हुई चिमनी में ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम को नए प्रोटोकॉल से लगाना होगा। अभी तक उद्योगों से सिस्टम के माध्यम से जुटाया गया प्रदूषण का डाटा एक एजेंसी के माध्यम से केंद्रीय बोर्ड को भेजा जाता था, लेकिन अब यह सीधा जाएगा। इसकी 24 घंटे ऑनलाइन मानिटरिंग भी होगी। पिछले दिनों डाटा को लेकर कुछ शिकायतें केंद्रीय बोर्ड का मिली थीं। बोर्ड को देरी भी डाटा पहुंचता था। इसलिए अब जल और वायु प्रदूषण का डाटा सीधा केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड के पास जाएगा, इसमें औद्योगिक इकाई से कितना उत्प्रवाह निकल रहा है और किस कैटेगरी में उद्योग चल रहा है, इसकी जांच होगी।
जिले की बात करें तो वर्तमान में छोटी और बड़ी मिलाकर करीब 1600 औद्योगिक इकाई हैं। मात्र जिन फैक्टरियों से वायु और जल प्रदूषण होता है, उन्हें लेकर ही आदेश जारी हुए हैं। जिन फैक्टरियों को नोटिस जारी हुए हैं, उनमें धौलाना क्षेत्र की फूड प्रोसेसिंग, पिलखुवा की टेक्सटाइल इकाई, हापुड़ और धौलाना की मेटल गलाने की इकाई, पेपर मिल को ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने के लिए आदेश दिए गए हैं।

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और निकटवर्ती क्षेत्र, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पिलखुवा में स्थित मदर डेयरी प्लांट पर प्रदूषण नियंत्रण के मानकों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए प्लांट को बंद कराने के आदेश 28 अक्तूबर को दिए थे। साथ ही ऊर्जा निगम के एमडी को प्लांट का बिजली कनेक्शन को काटने के आदेश भी दिए गए हैं। इस मामले में शनिवार को कोई की बात चल रही थी, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। बता दें कि इस प्लांट में प्रतिदिन करीब 10 लाख लीटर दूध का उत्पादन होता है। करीब एक हजार कर्मचारी नौकरी भी करते हैं। इस दूध व दूध के अन्य उत्पादों की बिक्री पूरी दिल्ली सहित आसपास के कई जिलों में होती है। मामले में प्लांट के मैनेजर अमरीश द्विवेदी से वार्ता का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया।
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उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सहायक अभियंता विपुल कुमार ने बताया कि 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों को नोटिस जारी हुए हैं। अभी प्रक्रिया चल रही है, इसलिए संख्या और बढ़ सकती है। ऑनलाइन मॉनिटरिंग सिस्टम लगाने को लेकर सख्त आदेश हैं, इसका पालन हर हाल में करना होगा।
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