हापुड़। उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के आह्वान पर रेलवे कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर रोष सप्ताह मनाएंगे। इसके साथ ही 10 अप्रैल को रेलवे स्टेशन पर धरना देकर अपनी मांग पूरी करने की आवाज उठाएंगे।
उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन के शाखा अध्यक्ष केदार मीना ने बताया कि सरकारी तंत्र रेलवे को प्राइवेट करने पर तुला है। रेलवे के कार्य ठेकेदारों को दिए जा रहे हैं, जो श्रम नियमों के विरुद्ध हैं। साथ ही रेलवे कर्मचारियों की विभिन्न मांगे काफी लंबे समय से लंबित पड़ी हुई हैं लेकिन मांगों को निस्तारण नहीं हो रहा है। इसके विरोध में यूनियन के आह्वान पर छह अप्रैल से दस अप्रैल तक रोष सप्ताह के तहत रोष जताया जाएगा।
उन्होंने बताया कि पुरानी पेंशन बहाली, कोरोना कॉल के महंगाई भत्ते की फ्रीज तीन किस्तों का भुगतान करने, रेलवे में अप्रेंटिस किए बच्चों को नौकरी दिए जाने, लाजेंस स्कीम को फिर से लागू करने सहित 12 सूत्रीय मांगों को पूरा किए जाने की मांग को लेकर दस अप्रैल को रेलवे स्टेशन पर धरना दिया जाएगा।