हापुड़। पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न स्व. चौधरी चरण सिंह के नाम से गांव नूरपुर मंढैया को अलग विकास खंड (ब्लॉक क्षेत्र) बनाने का प्रस्ताव अधिकारियों ने तैयार किया है। 48 ग्राम और सात न्याय पंचायतों को मिलाकर यह नया ब्लॉक बनेगा, जिसमें करीब 1.30 लाख की आबादी शामिल हाेगी। इन सभी ग्राम पंचायतों में सिर्फ हापुड़ ब्लॉक की ही शामिल हुई हैं। अब इस प्रस्ताव को डीएम को सौंपा गया है।
चौधरी चरण सिंह का जन्म 23 दिसंबर 1902 को गांव नूरपुर की मंढैया में हुआ था। पूर्व प्रधानमंत्री के पौते और केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत चौधरी वर्तमान में एनडीए सरकार का हिस्सा हैं। पिछले दिनों जयंत चौधरी व उनकी पार्टी के जनप्रतिनिधि ने इस मामले में पत्र लिखा था, जिसमें चौधरी साहब के नाम से उनकी जन्मस्थली गांव नूरपुर मंढैया को अलग ब्लॉक बनाने की मांग की थी। इसके बाद से ही प्रशासन व विकास भवन के अधिकारी प्रस्ताव बनाने में जुटे हुए थे। अब प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया गया है। जिसे डीएम प्रेरणा शर्मा द्वारा शासन को भेजा जाएगा। 23 दिसंबर को चौधरी चरण की जयंती है, उस दिन ही अलग ब्लॉक बनाने की घोषणा लखनऊ से हो सकती है। करीब 11 बीघा जमीन गांव में खाली पड़ी हुई, जिसमें ब्लॉक बनाया जा सकता है।
पुराने ब्लॉक में रह जाएगी 90 हजार की आबादी
हापुड़ ब्लॉक में अभी तक सबसे अधिक 93 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इस कारण ही हापुड़ ब्लॉक से ग्राम पंचायतों को नए ब्लॉक के लिए अलग किया गया है। इससे पहले चर्चा थी कि सिंभावली ब्लॉक की भी कुछ ग्राम पंचायतों को शामिल किया जा सकता है। 48 ग्राम पंचायतें अलग करने के बाद पुराने ब्लॉक हापुड़ में 45 पंचायतें और 90 हजार की आबादी ही रह जाएगी। अभी जिले में करीब 350 गांव हैं। जबकि, 318 राजस्व गांव हैं।
ये गांव होंगे शामिल
भिम्यारी, भड़ंगपुर, गढ़ी, लुखराड़ा, बाबूगढ़, बछलौता, नली हुसैनपुर, काकोड़ी, भिकनपुर, अयादनगर, भटैल, झंडा, भमैड़ा, शेखपुर, छपकौली, दयानतपुर, बनखंडा, उदयपुर, अलीपुर, उपैड़ा, श्यामपुर जट्ट, बागड़पुर, सिमरौली, सिलाई, ततापुर, लालपुर, सीतादेई, कुराना, हरसिंहपुर आदि गांवों को शामिल किया जा सकता है।
गांव नूरपुर में मिल रही यही सुविधाएं
अभी गांव में चौधरी साहब के नाम से पर्यटन विभाग का गेस्ट हाउस, चाैधरी चरण सिंह पार्क, पुस्तकालय है। इसके अलावा उनके नाम से ही राजकीय इंटर कॉलेज का निर्माण भी जारी है। साथ ही अमृत सरोवर, पूर्व माध्यमिक व माध्यमिक विद्यालय, पंचायत भवन, पशु चिकित्सालय, पीएचसी की सुविधा उपलब्ध है।
कोट -
48 ग्राम पंचायत और सात न्याय पंचायतों को मिलाकर प्रस्ताव बनाया गया है। शासन के पत्र के बाद तुरंत प्रस्ताव को भेज दिया जाएगा।
- देवेंद्र कुमार, जिला विकास अधिकारी