अत्यधिक सर्दी लगने से निमोनाइटिस बीमारी की चपेट में आकर डेढ़ वर्षीय बच्ची की मौत हो गई। बच्ची को पहले मेरठ और बाद दिल्ली के लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
गढ़ के मुख्य बाजार में जनरल स्टोर की दुकान करने वाले आसिफ मलिक मोहल्ला काजियान में परिवार समेत रहते हैं। उनकी डेढ़ वर्षीय इकलौती बेटी सिदरा को तीन दिन पहले ठंड लग गई थी।
खांसी-जुकाम और बुखार होने के साथ ही उसे डायरिया ने हो गया था। दवाओं से फायदा न होने पर स्थानीय डॉक्टरों ने उसे मेरठ में एक निजी चिकित्सक के पास भेजा था।
आसिफ मलिक ने बताया कि मेडिकल जांच में आंतों में गंभीर संक्रमण की पुष्टि होने पर सिदरा को लोकनायक जयप्रकाश अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान सोमवार तड़के बच्ची की मौत हो गई।
निकलती सर्दी में थोड़ी सी चूक भी बच्चे और बुजुर्गों के लिए जानलेवा बन सकती है। मेरठ के विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ.पीके शुक्ला का कहना है कि सर्दी के निकलते मौसम में जरा सी चूक भी बच्चे और बुजुर्गों के लिए जावनलेवा साबित हो सकती है।
निमोनाइटिस बीमारी होने पर आंतों में गंभीर संक्रमण होने से रोगी की मौत होने की संभावना कहीं अधिक हो जाती है। दिवंगत बच्ची के चाचा इमरान मलिक ने बताया कि दिल्ली के चिकित्सकों ने निमोनाइटिस बीमारी से पीड़ित होने की पुष्टि की थी।
बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक गोयल का कहना है कि बच्चों के साथ ठंड खास एहतियात बरतने की जरूरत है। उन्हें गुनगुना पानी पिलाएं, गरम पानी से नहलाएं, पूरी तरह से ढक कर रखें। अधिक ठंडी और खट्ठी चीजें न खिलाएं, सर्दी और जुकाम की शिकायत पर तत्काल डॉक्टर से संपर्क करें।