बहुजन समाजवादी पार्टी से हापुड़ विधानसभा सीट से पूर्व विधायक धर्मपाल सिंह के पुत्र मनीष उर्फ मोनू को प्रत्याशी घोषित किया गया है। बसपा के राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद सतीश चंद मिश्रा ने शनिवार को दिल्ली रोड स्थित रामलीला मैदान में आयोजित मंडलीय स्तर की जनसभा में इसकी घोषणा की। इस दौरान काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सतीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि पश्चिम से लेकर पूर्वांचल तक अब लोगों को बसपा सरकार याद आ रही है। भाजपा, सपा एक सिक्के के दो पहलू जैसी है, दोनों के ही शासन काल में जनता परेशान रही। उन्होंने कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा की सरकार में बेरोजगारी चरम पर है। लूट, हत्या, डकैती से पूरा प्रदेश भयभीत है। पिछले 14 महीने से प्रदेश के किसान कृषि कानून वापस करने, फसलों पर एमएसपी वाला गारंटी कानून बनाने की मांग को लेकर धूप, बारिश और सर्दी में सड़कों पर बैठ आंदोलन कर रहे थे। लेकिन विंस चुनाव में हार के डर से सरकार ने कानून वापस ले लिया।
सरकार ने कानून वापस लेकर किसानों के साथ छल करने का काम किया है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर पर मेहनत कर प्रदेश में एक बार फिर बसपा सरकार बनाने का आवाह्न किया।
अमरोहा गढ़ सीट से सांसद कुंवर दानिश अली ने कहा कि सरकार ने उद्योगपतियों के हाथों देश को बेच दिया हैं। उन्होंने कहा कि बसपा सरकार में किसानों के गन्ने का सबसे ज्यादा भुगतान किया गया। प्रदेश की मौजूदा सरकार गुंडों की सरकार है। इसमें न तो महिलाएं सुरक्षित है, न ही बच्चें सुरक्षित हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष देवेंद्र भारती, अमित अग्रवाल जोनी (छावनी वाले), सोनू शर्मा, वरूण शर्मा, अमित अग्रवाल, दीपक राणा, हाजी इमरान शामिल रहे।
भाजपा, सपा और रालोद में दावेदारों की भीड़
विधानसभा चुनाव से पहले जहां भाजपा एक बार फिर पुरानी लहर की उम्मीद से उत्साहित हैं। वहीं सपा और रालोद के गठबंधन के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मजबूती के आसार हैं। ऐसे में तीनों ही पार्टियों में टिकट को लेकर होड़ मची हुई है। जिले की तीनों विधान सभा सीटों की बात करें तो यहां भाजपा से कम से 15 दावेदार हैं। इनमें सभी सीटों पर पांच पांच उम्मीदवार के करीब टिकट की आस में हाईकमान के चक्कर लगा रहे हैं। इसके अलावा सपा और रालोद से गढ़ और हापुड़ सीट पर दावेदारों की लंबी कतार है। रालोद की ओर से हापुड़ और गढ़ सीट मांगी जा रही है। जबकि सपाई इन पर अपना कब्जा जता रहे हैं। ऐसे में इन सीटों पर सभी दलों पर चार से छह दावेदार हैं और अभी से प्रचार प्रसार में भी जुटे हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी और आजाद समाजपार्टी ने भी अपने प्रत्याशियों की घोषणा शुरू कर दी है।