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मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने चेक बाउंस के मामले में आरोपी महिला को एक साल की सजा और दस लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना में से साढ़े नौ लाख रुपये पीड़ित को दिए जाएंगे।
वरिष्ठ अधिवक्ता उदय सिन्हा और विशाल अग्रवाल ने बताया कि मीनाक्षी रोड स्थित देवीपुरा निवासी सुरेंद्र कुमार से मोहल्ला नवीकरीम में रहने वाली नरेश बाला पत्नी हजारी लाल ने जून वर्ष 2012 में प्लाट खरीदने के लिए पांच लाख रुपये उधार लिए थे। सितंबर वर्ष 2012 में महिला ने सुरेंद्र कुमार को पांच लाख रुपये का चेक बनाकर दे दिया था। बैंक में चेक लगाने पर वह बाउंस हो गया। इसके बाद सुरेंद्र कुमार ने कोर्ट की शरण ली थी। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मोहम्मद रफी ने शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई करते हुए नीरज बाला को दोषी करार दिया।
न्यायाधीश ने आरोपी महिला को एक साल की सजा और दस लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा नहीं करने पर तीन माह अतिरिक्त की सजा सुनाई है। साथ ही कोर्ट ने कहा है कि जुर्माने की राशि में से 9.50 लाख रुपये पीड़ित सुरेंद्र कुमार को दिए जाएंगे जबकि 50 हजार रुपये राज्य सरकार के खाते में जाएंगे।