हापुड़-पिलखुवा विकास प्राधिकरण (एचपीडीए) की आनंद विहार आवासीय योजना के निर्माणाधीन लोहिया पार्क के बराबर में 20 हजार वर्ग मीटर भूमि पर बहुमंजिली आफीसर्स कालोनी बनाने का प्रस्ताव है।
इसमें डीएम और एसपी के आवास भी बनाए जाएंगे। यह प्रस्ताव प्राधिकरण के उपाध्यक्ष ने डीएम के समक्ष रखा है, जिस पर सहमति मिल गई है। इसका संबंध में एक प्रस्ताव 17 फरवरी को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा।
28 सितंबर 2011 को हापुड़ जिला बनाने की तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती ने घोषणा की थी। इसके बाद से तमाम विभागों के अधिकारी यहां तैनात हो चुके हैं, लेकिन उनके रहने के लिए आवास नहीं है।
अधिकारी किराये के भवनों में रह रहे हैं या फिर दूसरे शहरों से यहां आकर कार्य करना पड़ता है। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने सबली गांव के पास ट्रांजिट हास्टल बनाए हैं, लेकिन वहां कोई अधिकारी नहीं रहता, क्योंकि वहां अभी जंगल ही है।
एचपीडीए की करीब 20 हजार वर्ग मीटर भूमि जे ब्लाक में, 20 हजार वर्ग मीटर भूमि पर बने लोहिया पार्क के बराबर में, बहुमंजिली आवासीय योजना के लिए खाली पड़ी है।
प्राधिकरण के वीसी आरके सिंह ने इस भूमि पर बहुमंजिली आफीसर्स कालोनी, डीएम और एसपी के आवास बनाए जाने का प्रस्ताव विगत दिनों डीएम अनिल ढींगरा के समक्ष रखा। वहां से निर्माणाधीन कलक्ट्रेट और विकास भवन भी बहुत कम दूरी पर हैं।
इस कालोनी के एक ओर 120 फुट और दूसरी ओर 100 फुट चौड़ी सड़क होगी। डीएम अनिल ढींगरा ने प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के साथ उक्त भूमि का निरीक्षण करने के बाद प्रस्ताव पर सहमति दे दी है।
अब जिला प्रशासन की ओर से इस कालोनी, डीएम और एसपी आवास का निर्माण कराने के लिए शासन से धनराशि मांगी जाएगी, जिसकी स्वीकृति के मिलते ही शासन किसी भी एजेंसी को निर्माण की जिम्मेवारी सौंप सकेगा। जिला प्रशासन को इस भूखंड की कीमत का प्राधिकरण को भुगतान करना होगा।
थाना और फायर स्टेशन के लिए जनहित में एचपीडीए पहले ही निशुल्क भूमि दे चुका है, जिनका निर्माण संबंधित विभाग को कराना है। आफीसर्स आवास, डीएम और एसपी आवास बनने से प्राधिकरण की आनंद विहार योजना को भी लाभ मिलेगा। - आरके सिंह, उपाध्यक्ष, एचपीडीए
एचपीडीए की आनंद विहार आवासीय योजना में 20 हजार वर्ग मीटर के भूखंड पर आफीसर्स कालोनी बनाए जाने के लिए एक प्रस्ताव प्राधिकरण की ओर से 17 फरवरी को मेरठ में होने वाली प्राधिकरण बोर्ड में रखा जाएगा। इसके बाद शासन से धनराशि की मांग की जाएगी। - अनिल ढींगरा, डीएम