ब्रजघाट। गंगा तट पर करीब 3.25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया लेजर शो फव्वारा आज बदहाली और प्रशासनिक उपेक्षा की कहानी बयां कर रहा है।
पर्यटन और सुंदरीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्थापित यह महत्वाकांक्षी परियोजना कुछ ही दिनों तक संचालित हो सकी, जो वर्तमान में बंद पड़ी है। हालत यह है कि असामाजिक तत्व फव्वारे के परिसर का शौच स्थल के रूप में उपयोग कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में भारी नाराजगी है।
गंगानगरी निवासी प्रमोद चौहान का कहना है कि फव्वारे के साथ-साथ सुंदरीकरण के लिए लगाए गए अन्य उपकरण और संरचनाएं भी लंबे समय से बंद पड़ी हैं। कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। अधिकारी निरीक्षण कर लौट जाते हैं, जबकि धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। गंगा तट पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इस अव्यवस्था का सामना करना पड़ रहा है।
धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल पर फैली गंदगी क्षेत्र की छवि को भी प्रभावित कर रही है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल फव्वारे को चालू कराने, सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और असामाजिक गतिविधियों पर रोक लगाने की मांग की है। एसडीएम श्रीराम यादव का कहना है कि उच्चाधिकारियों व पालिका को अवगत कराकर व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी।