हापुड़ में एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी 2022 के जानलेवा हमले के मामले में अदालत में गवाही के लिए पेश हुए। मामले में अभी 40-45 गवाहों की गवाही बाकी है। अगली सुनवाई आठ सितंबर को होगी। कचहरी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
हापुड़ में एआईएमआईएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद असदुद्दीन ओवैसी बृहस्पतिवार को जानलेवा हमले के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) शेष बहादुर की अदालत में सुनवाई के लिए पेश हुए। उनकी सुरक्षा को लेकर चप्पे चप्पे पर पुलिस बल मुस्तैद रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में हिंदु संगठन के लोग और भाजपाई एकत्र होने लगे, पुलिस ने लोगों को कचहरी परिसर से बाहर किया। गवाही की प्रक्रिया पूरी होने पर वह न्यायालय से रवाना हो गए।
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ओवैसी के अधिवक्ता ने बताया कि मुकदमे में यामीन माजिद और शौकत की गवाही पहले ही हो चुकी है। बृहस्पतिवार को ओवैसी की गवाही की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई। अधिवक्ता के मुताबिक, मुकदमे में अभी करीब 40 से 45 गवाहों की गवाही होना बाकी है। मामले में अगली सुनवाई आठ सितंबर 2026 को होगी। निर्धारित तारीख पर शेष गवाहों की गवाही और अन्य न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
ओवैसी सुबह साढ़े दस बजे कचहरी पहुंचे। इस दौरान एएसपी विनीत भटनागर, सीओ अनीता चौहान समेत कई थानों की पुलिस ने कचहरी में कड़ी घेराबंदी कर दी। छतों पर भी पुलिस कर्मी तैनात रहे। इसी बीच भारी संख्या में हिंदु संगठनों से जुड़े लोग भी कचहरी परिसर में पहुंच गए। यह देख पुलिस में अफरा तफरी मच गई, इन लोगों को कचहरी परिसर से बाहर किया गया। इस दौरान भाजपाई भी पहुंचे, पुलिस ने उन्हें भी समझाया। इस दौरान एक चैंबर में बैठे पुलिस इंस्पेक्टर को एएसपी ने फटकार भी लगाई।
रस्सी से बैरिकेंटिंग कर, ओवैसी की सुरक्षा और अधिक पुख्ता की गई। पीएसी के जवान भी सुरक्षा में जुटे रहे। इसी दौरान ओवैसी के पहुंचने पर एआईएमआईएम के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी बड़ी संख्या में कचहरी पहुंच गए। गवाही के बाद ओवैसी करीब एक बजे न्यायालय से बाहर निकले।
2022 में छिजारसी टोल पर काफिले पर हुई थी फायरिंग
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर पिलखुवा क्षेत्र के छिजारसी टोल प्लाजा पर तीन फरवरी 2022 को जानलेवा हमला हुआ था, उस समय वह अपनी गाड़ी में सवार थे। मेरठ में चुनाव प्रचार से लौटते समय दिल्ली जा रहे ओवैसी के काफिले को टोल प्लाजा पर धीमा होना पड़ा था। इसी दौरान उनकी कार पर फायरिंग की गई थी। पुलिस के अनुसार, घटना में चार राउंड गोली चलने की बात सामने आई थी और ओवैसी की कार पर गोली के निशान भी मिले थे।
पुलिस ने मामले में सचिन शर्मा और शुभम को गिरफ्तार किया था। बाद में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिसमें 60 गवाह बनाए गए थे। मामले की सुनवाई हापुड़ की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (द्वितीय) की अदालत में चल रही है।