गढ़मुक्तेश्वर। भारत-पाकिस्तान के बीच सीज फायर की घोषणा हो गई है। लेकिन इससे पहले भारत की तरफ से पाकिस्तान को दिए गए मुहं तोड़ जवाब ने सभी देश वासियों के साथ उन माताओं का भी सीना चौड़ा कर दिया है, जिनके लाल बॉर्डर या भारत के संवेदनशील स्थानों पर नौकरी कर रहे हैं।
बेटे ने देश का बढ़ाया मान-
गांव बक्सर निवासी इंद्रा देवी ने बताया कि उनका बेटा राजस्थान में सीमा पर तैनात है। 16 अप्रैल को 30 दिन का अवकाश लेकर आया था। लेकिन, भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव होने के कारण वह समय से पहले वापस चला गया है। हालांकि इन हालातों में भी वह लगातार संपर्क में है और अपनी सेना की शौर्य गाथा से अवगत कराता है। बेटा देश के लिए कुछ कर रहा है, इससे उन्हें भी गर्व होता है।
गोलियों की आवाज सुनकर कांप जाता था कलेजा
गांव बिहूनी निवासी मंजू देवी का कहना है कि उनका बेटा विपिन चौहान सीमा सुरक्षा बल में वर्ष 2012 से कार्यरत है और इस समय सीमा पर तैनात है। युद्ध के दौरान बेटे से कम ही बात हुई, लेकिन जब हुई तो फोन पर गोलियों की आवाज सुनकर उनका कलेजा कांप गया। लेकिन उन्हें गर्व है कि उनका बेटा भारत मां की रक्षा कर रहा है।