गांव बदनौली निवासी जितेंद्र कुमार ने बताया कि 29 जुलाई की शाम को उसने अपनी गर्भवती पत्नी मेघा को प्रसव कराने के लिए नगर कोतवाली के सामने स्थित वैलनेस अस्पताल में भर्ती कराया था। देर रात ऑप्रेशन से उनकी पत्नी ने एक पुत्र को जन्म दिया।
लेकिन इसके बाद से ही उनकी पत्नी के टांकों से खून का रिसाव हो रहा था। शुक्रवार की सुबह से दोबारा उनकी पत्नी का खून बहने लगा। उसने चिकित्सकों से पत्नी को अन्य अस्पताल में रेफर करने की गुहार लगाई थी। लेकिन चिकित्सकों ने उसकी बात नहीं मानी। शाम करीब साढ़े पांच बजे उपचार के दौरान उनकी पत्नी की मौत हो गई।
मेघा की मौत की सूचना पर ससुराल, मायके वालों के साथ सैंकड़ों की संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने चिकित्सकों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्तपाल में जमकर हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर वरिष्ठ उपनिरीक्षक नरेंद्र सिंह भारी पुलिस के साथ अस्पताल पहुंचे और परिजनों को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन परिजनों नहीं माने।
परिजनों ने करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल में हंगामा किया। हंगामा देख अस्पताल से चिकित्सक भाग खड़े हुए। पुलिस ने किसी तरह बाद में परिजनों को शांत कराया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीओ जितेंद्र शर्मा का कहना है कि मामले में दोनों पक्षों से बात की जा रही है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।