अफसरों के कार्यों का होगा मासिक मूल्यांकन
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शासन अब अधिकारियों की कार्यशैली का मासिक मूल्यांकन करेगा। यह मूल्यांकन जनसुनवाई पोर्टल के तहत प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापरक निस्तारण के आधार पर किया जाएगा। शिकायतों के निस्तरण के आधार पर अधिकारियों की ग्रेडिंग की जाएगी।
साथ ही लापरवाही मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर शासन ने जन सुनवाई पोर्टल विकसित किया है। इस पोर्टर पर केंद्र, प्रदेश व तहसील स्तर की शिकायतों को फीड किया जाता है।
इन शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण किया जाता है। इतना ही नहीं इस पोर्टल की मुख्यमंत्री कार्यालय से निगरानी व समीक्षा भी की जाती है। अब सरकार ने इस पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए अधिकारियों की सीधी जवाबदेही तय करने का निर्णय लिया है।
इसके आधार पर अधिकारियों की कार्यशैली का भी निर्धारण किया जाएगा। ऐसे में जिले के अधिकारियों को आदेशित किया गया है कि वह पोर्टल पर आने वाली अपने जिले की शिकायतों का समय सीमा के अंदर निस्तारण करें।
गुणवत्तापरक निस्तारण के लिए अधिकारियों को अंक दिए जाएंगे। साथ ही लापरवाही बरतने पर कार्रवाई भी तय है। इस संबंध में जिलाधिकारी अनिल ढींगरा का कहना है कि इस तरह की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता पर है।
संबंधित अधिकारियों को मामलों को समय से निस्तारित करने के लिए निर्देशित किया गया है। इस मामले में लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।