नगर पालिका अफसरों के उदासीनता से लाइन पार के इलाके में बंदरों का आतंक है। पिछले एक सप्ताह में बंदर 12 लोगों को काटकर जख्मी कर चुके हैं।
मंगलवार सुबह बंदरों ने एक मकान की छत पर रखी पानी की टंकी को सड़क पर फेंक दिया। इससे कई लोग घायल होने से बच गए। बंदरों के आतंक से निजात दिलाने के लिए लोगों ने नगर पालिका के खिलाफ प्रदर्शन किया।
नगर पालिका ने करीब डेढ़ साल पहले बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान जोर-शोर से चलाया था। तब नगरवासियों को काफी हद तक बंदरों के हमलों से निजात मिली थी। अब बंदरों के हमले फिर से बढ़ गए हैं।
लाइन पार इलाके की पंचवटी कॉलोनी में दो दिन पहले पूनम सिरोही को बंदरों ने काट लिया, जब वह कपड़े सूखाने छत पर गई थी। मोहल्ले के ही बच्चे हर्षित और लकी को भी बंदरों ने जख्मी कर दिया।
सप्ताह भर के अंदर छोटू, शाहरूख, मालती, विवेक सहित 12 लोगों को बंदर काट चुके हैं। मंगलवार को बंदरों के झुंड ने पंचवटी कॉलोनी में रहने वाली शोभा देवी के मकान की तीसरी मंजिल पर रखी पानी की टंकी को सड़क पर फेंक दिया।
जिसमें कई लोग बच गए। यहां बड़ा हादसा भी हो सकता था। बंदरों से निजात दिलाने के लिए लोगों ने नगर पालिका के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि बंदरों के हमले लगातार बढ़ते जा रहे हैं, लेकिन पालिका प्रशासन चुप है।
बंदरों का आतंक दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है, लेकिन नगर पालिका और प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है। जिस कारण लोगों में दहशत का माहौल है। - सुनील सिंघल