बंदरों के साथ-साथ कुत्तों का भी आतंक दिनोंदिन बढ़ता जा रहा है लेकिन पालिका प्रशासन और वन विभाग कोई भी कार्रवाई करने को तैयार नहीं है। बंदरों के बाद अब सड़क के आवारा कुत्तों ने एक किशोर पर हमला बोलकर उसको घायल कर दिया।
गढ़-ब्रजघाट गंगानगरी क्षेत्र में बंदरों के साथ ही आवार कुत्तों की संख्या और उनका आतंक भी तेजी के साथ फैल रहा है। रात के अंधेरे में सड़कों पर लेटे कुत्ते मौका मिलते ही हमला बोलकर राहगीरों को निशाना बना लेते हैं।
मीरा रेती के पास रहने वाले 12 वर्षीय रईसू को आवारा कुत्तों ने दौड़ाकर जमीन पर गिरा लिया और फिर उसकी टांग और बांह में काट लिया।
चौधरी मदन पाल सिंह, अनिल सैन, अमरजीत सिंह, लवली शर्मा का कहना है कि रात के अंधेरे में सड़कों पर कुत्तों की भरमार रहती है जो मौका मिलते ही राहगीरों को काट लेते हैं। बावजूद इसके पालिका प्रशासन और वन विभाग कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं।
एसडीएम आरएन पांडेय का कहना है कि बंदरों का तेजी से बढ़ रहा आतंक एक गंभीर मुद्दा है, जिसकी रोकथाम के लिए पालिका और वन विभाग के साथ संयुक्त रणनीति बनाकर उस पर अमल कराया जाएगा।
वन रेंजर अरुण कुमार का कहना है कि विभागीय स्तर से बंदरों की धरपकड़ के लिए कोई स्कीम नहीं है लेकिन अगर पालिका प्रशासन द्वारा कोई सहयोग मांगा जाता है तो इसके लिए विभाग तैयार है।
पालिका चेयर पर्सन संगीता पुरुषोत्तम का कहना है कि कुत्ते और बंदरों के तेजी से बढ़ रहे आतंक की रोकथाम के लिए पालिका बोर्ड की आगामी बैठक में विचार विमर्श करने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. एसपी का कहना है कि कुत्ते और बंदरों के हमले में घायल होने पर महिला-बच्चों समेत महीने में सैकड़ों मरीज अस्पताल में आते हैंजिन्हें नियमित तौर एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं।