शहरवासियों को जल्द ही बंदरों के आतंक से छुट्टी मिल जाएगी। मथुरा से आने वाली की एक टीम 15 दिन में शहर के बंदरों को पकड़ेगी। इस संबंध में नगर पालिका जल्द ही टेंडर निकालने की तैयारी में हैं। बंदर पकड़ने का प्रस्ताव नगर पालिका की पिछली बोर्ड बैठक में पास हुआ था।
शहर का शायद ही कोई ऐसा इलाका होगा, जहां बंदरों का आतंक न हो। बंदरों के कारण लोगों को घरों में कैद होने को मजबूर है। पता नहीं रहता कब बंदर हमला कर दें। बंदरों के हमले में कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
आर्यनगर, पक्का बाग, रघुवीर गंज, कोठी गेट, स्वर्ग आश्रम रोड, गोपीपुरा, गांधी गंज, शिवपुरी, जवाहर गंज, भगवती गंज, ज्ञानलोक, राधापुरी, विवेकविहार, मजीदपुरा, सर्राफा बाजार, तहसील आदि में बंदरों के आतंक से लोग परेशान हैं।
सुबह सैर करने जाने वालों को भी काफी दिक्कत होती है। बच्चों को अकेला घर से बाहर भेजने में अभिभावकों को डर रहता है, क्योंकि बंदर कभी भी हमला कर सकते हैं।
बंदरों को पकड़ने के लिए पालिका बोर्ड की बैठक में 31 मार्च को प्रस्ताव पास हो चुका है। अब पालिका अफसर जल्द ही इस कार्य को कराने के लिए टेंडर निकलवाने की कार्यवाही में जुट गए हैं।
बंदरों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू होगा। टेंडर की प्रक्रिया जल्द कराई जाएगी और उसके बाद बंदरों को पकड़वाया जाएगा। पालिका ने लगभग सभी तैयारी पूरी कर ली हैं। - दिलशाद हसन, मुख्य सफाई निरीक्षण, नगर पालिका
कोठी गेट मोहल्ला लक्ष्मण गली में तीन साल पहले बंदरों के हमले में छत से गिरकर रामशरण घायल हो गए थे। उनकी अस्पताल में मौत हो गई थी। इसी गली के कई बच्चों को बंदर काट चुके हैं।
करीब एक साल पहले गांधी गंज निवासी पारितोष गर्ग के पुत्र वरदान को भी बंदरों ने घायल कर किया था। बचने के लिए वह छत से गिर गया था।