आंगन में सूख रहे कपड़ों को ले जा रहे बंदर को डंडा मारना किसान को भारी पड़ गया। बंदरों के झुंड ने हमला कर किसान को घायल कर दिया। पीड़ित ने सीएचसी में मौजूद चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
गढ़ के गांव बिहूनी निवासी मुकेश त्यागी शुक्रवार सुबह घर के आंगन में बैठा था। इसी बीच वहां बंदरों का झुंड पहुंच गया। इनमें से एक बंदर तार पर सूख रहे कपड़े खींच कर ले जाने लगा। कपड़ा छुड़ाने के उद्देश्य से मुकेश ने एक बंदर को डंडा मार दिया।
इससे बंदर भड़क गए। बंदरों के झुंड ने किसान पर हमला कर दिया। इससे किसान घायल हो गया। मुकेश त्यागी का आरोप है कि वह रैबीज का इंजेक्शन लगवाने के लिए गढ़ सीएचसी पहुंचा। यहां मौजूद चिकित्सक ने जख्मों की सफाई तक नहीं की।
दूसरा इंजेक्शन लगवाने के लिए तारीख पूछने पर चिकित्सक भड़क गया। उसने दूसरा कोई भी इंजेक्शन लगाने से इंकार करते हुए उसे वहां से भगा दिया। पीड़ित ने सीएचसी अधीक्षक से आरोपी चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगाई है।
सीएचसी अधीक्षक एसपी सिंह का कहना है कि बंदर और कुत्तों के काटने से बने घावों को केवल साफ पानी से धोया जाता है। इसके बाद घायल को तीन टीके लगाए जाते हैं।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में दोषी पाए जाने पर आरोपी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।