पिलखुवा। शहर में बंदरों का उत्पात बढ़ गया है। भीषण गर्मी में और ज्यादा खुंखार हो गए है। मोहल्ला गढ़ी में शुक्रवार सुबह मकान की छत पर खेल रहे तीन मासूम बच्चों पर बंदरों के झुंड ने हमला बोल दिया। परिजनों ने घायल बच्चों का अस्पताल में उपचार कराया, इसके बाद एंटी रैबीज वैक्सीन लगवाई।
शुक्रवार की सुबह मोहल्ला गढ़ी निवासी संदीप की छह एवं चार वर्षीय पुत्री सृष्टि और नंदिनी पड़ोसी की बच्ची पल्लवी शर्मा के साथ अपने मकान की छत पर खेल रही थीं। इस दौरान वहां अचानक बंदरों का एक झुंड आ गया। जिन्हें देखकर बच्चों ने इधर-उधर भागने का प्रयास किया। इसी बीच बंदरों ने बच्चों पर हमला बोल दिया। जिसमें तीनों घायल हो गए। बच्चों की चींख पुकार सुनकर परिजन और पड़ोसियों ने छत पर पहुंचकर बंदरों को वहां से भगाया। इसके बाद परिजन घायल बच्चों को स्थानीय चिकित्सक के पास ले गए और उपचार कराया । लोगों का कहना है कि आए दिन बंदरों का झुंड किसी न किसी पर हमला करता रहता है। इनके आतंक से शहर के मोहल्ला पुरा, गांधी बाजार, किशनगंज, राणा पट्टी, शिवाजी नगर, रजनी बिहार के लोग दहशत में हैं। कई बार पालिका में शिकायत कर बंदरों को पकड़वाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन अभी तक समस्या का समाधान नहीं हो सका है। हालात यह हैं कि लोग अपने घरों की छतों पर जाने से डरते है। मोहल्ला वासियों ने पालिका के अधिकारियों से जल्द बंदरों को पकड़वाने की मांग की।
नौ दिन में 76 को बनाया शिकार
शहर में बंदरों के अलावा कुत्तों का आतंक भी बढ़ता जा रहा है। सरकारी अस्पताल अभिलेखों के अनुसार पिछले नौ दिन में कुत्ते और बंदरों के शिकार हुए 76 लोग अस्पताल आकर एंटी रैबीज की वैक्सीन लगवा चुके है। रोजाना करीब आठ से दस मरीज अस्पताल में वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचते है।
बोर्ड बैठक में रखेंगे प्रस्ताव
अगले सप्ताह 15 या 16 जून को पालिका की पहली बोर्ड बैठक आयोजित की जाएगी। जिसमें बंदरों को पकड़वाने के विषय पर चर्चा की जाएगी। शहर वासियों को जल्द ही उक्त समस्या से निजात दिलाई जाएगी।
विभू बंसल, पालिकाध्यक्ष, नगर पालिका परिषद पिलखुवा।