हापुड़। किशोर न्याय बोर्ड ने छह वर्ष की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में सोमवार को निर्णय सुनाया। जिसमें किशोर न्याय बोर्ड के पीठासीन अधिकारी व सदस्यों ने बाल अपचारी को दोषी करार देते हुए बाल अपचारी को दो वर्ष छह माह की सजा सुनाई है। बाल अपचारी को जिला इटावा स्थित राजकीय विशेष गृह भेज दिया गया है।
किशोर न्याय बोर्ड की सदस्य स्वाति गर्ग ने बताया कि सात मार्च 2016 को सिंभावली थाना में एक व्यक्ति ने तहरीर दी थी। जिसमें उसने कहा था कि सात मार्च 2016 को उसकी छह वर्षीय पुत्री घर के बाहर खेल रही थी। इस दौरान गांव का ही किशोर उसे बहला फुसलाकर अपने साथ खेत पर ले गया था। जहां उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया था। उनकी पुत्री बदहवास हालत में किसी तरह घर पहुंची। जहां पर परिजनों ने उससे पूछताछ की। जिसके बाद उनकी पुत्री ने घटना के बारे में बताया।
मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाल अपचारी को अभिरक्षा में लेकर किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया था। जहां से उसे जिला बुलंदशहर स्थित बाल संप्रेक्षण गृह भेज दिया गया था। सवा चार माह तक वहां रहने के बाद बाल अपचारी को जमानत पर छोड़ दिया गया था। मामले की सुनवाई तभी से किशोर न्याय बोर्ड में चल रही थी। सोमवार को किशोर न्याय बोर्ड के पीठासीन अधिकारी विश्वनाथ प्रताप सिंह, सदस्य डा. स्वाति गर्ग व राजन त्यागी ने बाल अपचारी को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।