भवन बचाओ संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने रविवार को कुणाल जैन के आवास पर बैठक कर एचपीडीए के अधिकारियों पर फाइलें गुम करने का आरोप लगाया। समिति ने अफसरों द्वारा मुख्य सचिव को आख्या नहीं सौंपने पर भी रोष जताया।
अब एचपीडीए की योजना से प्रभावित लोगों ने दोबारा फाइल बनाकर प्राधिकरण को सौंपा है। समिति के अध्यक्ष ललित कुमार छावनी वालों ने बताया कि एचपीडीए ने दिल्ली रोड के सैकड़ों भवन, उद्योगों को उजाड़कर आवासीय योजना बसाने का निर्णय लिया है,
इसके लिए योजना भी बनाई जा रही है। जबकि, कई दशक से यहां लोग अपना कारोबार कर रहे हैं। कई उद्योगों की एनओसी भी उनके पास हैं। प्रवक्ता कुणाल जैन ने कहा कि एचपीडीए की इस योजना के विरोध में वह लोग शासन तक अपनी आवाज पहुंचा चुके हैं।
मुख्य सचिव ने भी प्राधिकरण के अफसरों से आख्या मांगी है, लेकिन एचपीडीए के अधिकारी फाइल गुम होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने बताया फाइल गुम होने के बाद योजना से प्रभावित लोगों ने दोबारा फाइल बनाकर प्राधिकरण को सौंपा है,
फिर भी मुख्य सचिव को आख्या नहीं भेजी गई है। उन्होंने बताया कि मामले में जल्द राहत नहीं मिली तो आंदोलन किसा जाएगा। इस दौरान पप्पू त्यागी, अंकुश जैन, पियूष, रमन, देवराज, अनिल गर्ग मौजूद रहे।