परिषदीय स्कूलों में छात्रों की संख्या अधिक दर्शाकर मिड डे मील में घपलेबाजी पर शासन सतर्क हो गया है। अब जिन छात्रों के आधार कार्ड लिंक होंगे सिर्फ वहीं मिड डे मील का स्वाद चख पाएंगे। फिलहाल इन स्कूलों में 20 हजार नौनिहालों के पास अपना आधार नही है।
हालांकि विभाग ने ऐसे नौनिहालों को आधार कार्ड बनवाने के लिए जून तक का समय दिया है। जिले में संचालित 706 परिषदीय स्कूलों में करीब 70 हजार तालीम पाते हैं। स्कूलों में अक्सर छात्रों की संख्या अधिक दर्शाकर मिड डे मील में अनियमितता की शिकायत मिलती है।
ऐसे घपलेबाजों पर शिकंजा कसने के लिए शासन अब आधार का सहारा लेगा। इसलिए परिषदीय स्कूलों के नौनिहालों को आधार कार्ड लिंक होने पर ही एमडीएम उपलब्ध कराए जाने का निर्णय लिया गया है।
हालांकि जिले के स्कूलों में पढ़ रहे करीब 20 हजार नौनिहालों का अब तक अपना आधार नही है। ऐसे में शासन ने बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों को ऐसे नौनिहालों के आधार कार्ड जून तक हर हाल में बनवाने के निर्देश दिए हैं।
इसके लिए यूपी इलेक्ट्रॉनिक नामक कंपनी को टेंडर भी दे दिया गया है। विभागीय अफसरों की मानें तो करीब 50 हजार बच्चों के आधार कार्ड बन चुके हैं।
एमडीएम प्रभारी जुनैद मलिक ने बताया कि शासन से जारी गाइड लाइन मिल चुकी है। स्कूलों के नौनिहालों के आधार कार्ड बनवाए जाएंगे। इस पहल से एमडीएम वितरण योजना में पारदर्शिता आएगी। बच्चों का आधार कार्ड शासन की वेबसाइट पर लिंक कराया जाएगा। अग्रिम गाइड लाइन मिलने के बाद द्वितीय चरण की प्रक्रिया शुरू होगी।