शाम होते ही अंधेरे के आगोश में डूबने वाला मेरठ और बुलंदशहर रोड पर प्राधिकरण जल्द पांच हाईमास्क लाइटें लगाएगा। इन लाइटों को लगाने पर एचपीडीए लगभग 35 लाख रुपये खर्च करेगा।
बोर्ड बैठक में इसका प्रस्ताव पारित होने के बाद प्राधिकरण ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इस मार्ग पर रात में रोशनी होने से आपराधिक वारदात के अलावा हादसों पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है।
दरअसल, मेरठ व बुलंदशहर रोड शहर का सबसे व्यस्तम मार्ग है। लेकिन सूरज देवता के छिपते ही इन सड़कों पर घोर अंधेरे का साम्राज्य हो जाता है। इसके चलते वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
आलम यह रहता है कि शाम होते ही इस मार्ग पर आए दिन लूट की वारदात होती रहती है। इसके चलते कई बार पुलिस भी इस मार्ग पर रोशनी की व्यवस्था करने के लिए प्राधिकरण से गुहार लगा चुकी है। हापुड़ पिलखुवा विकास प्राधिकरण इन सड़कों पर 5 हाईमास्क लाइटें लगवाने की तैयारी शुरू कर चुका है।
इनमें से दो लाइटें बुलंदशहर रोड पर व तीन मेरठ रोड पर लगाई जाएंगी। इन लाइटों को लगाने में 35 लाख रुपये की लागत आएगी। प्राधिकरण के बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास होने के बाद इस दिशा में कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
सितंबर तक इन लाइटों को लगाने का स्थान चयन कर लिया जाएगा। इन लाइटों के लगने से इन सड़कों पर रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं में भी कमी आएगी। रोड के अधिकतर हिस्से पर डिवाइडर न होने के कारण यहां दुर्घटनाएं अपेक्षाकृत अधिक होती हैं।
एचपीडीए के वीसी आरके सिंह का कहना है कि हाईमास्क लाइटों को लगाने के लिए स्थान का चयन कराया जा रहा है। जल्द ही यह कार्य शुरू कर दिया जाएगा।