एक माह बाद जिले के स्वास्थ्य विभाग को आंखों की रोशनी गंवा चुके मरीजों की याद आई है। सीएमओ ने नेत्र चिकित्सकों की टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए हैं।
पांच नवंबर को मोदीनगर स्थित एक चैरिटेबल अस्पताल के चिकित्सकों ने नगर के सात मरीजों समेत 9 लोगों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए चिन्हित किया था। ऑपरेशन के बाद इन सभी की एक आंख की रोशनी चली गई थी। हालात ये हैं कि सभी मरीज आंखों में फैल रहे इंफेक्शन से तड़प रहे हैं।
पंचशील नगर कालोनी निवासी जगवती की तो एम्स के चिकित्सकों ने एक आंख भी निकाल दी है। इतना सब होने के बाद जिले के स्वास्थ्य अफसरों को एक महीने बाद मरीजों का हाल जानने का समय मिला है। मरीजों की बढ़ती समस्या पर सीएमओ ने नेत्र चिकित्सक के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर मरीजों का हाल जानकर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
मरीजों का हाल जानने के लिए एक टीम का गठन कर दिया गया है। मरीजों के स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उनका कहना है कि मरीजों की ओर से उन्हें अभी तक कोई शिकायत नहीं मिली है।
डा.सुभाष चंद गुप्ता, सीएमओ