संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट की अदालत ने घर के बाहर खड़ी नाबालिग किशोरी का हाथ पकड़कर जबरन खींचने और छेड़छाड़ के आरोपी को दोषी करार दिया। न्यायालय ने दोषी को तीन वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही पांच हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
बाबूगढ़ थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़िता ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि दिल्ली निवासी निखिल उसकी 17 वर्षीय भांजी के साथ छेडछाड़ व पीछा भी करता था। जिससे परेशान होकर उसकी बहन ने भांजी को उसके घर भेज दिया था। ऐसे में उसकी भांजी पिछले एक महीने से उसके घर पर रह रही थी। लेकिन आरोपी युवक यहां भी उनके घर पहुंच गया।
24 जून 2023 को उसकी भांजी घर के बाहर खड़ी थी, तभी आरोपी युवक ने भांजी का हाथ पकड़ लिया और खींचने लगा। भांजी ने शोर मचाया तो वह तुरंत मौके पर पहुंचा और आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन आरोपी फरार हो गया। उन्होंने बताया कि आरोपी निखिल के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था।
उन्होंने बताया कि शनिवार को दोनों पक्षों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश/ विशेष न्यायाधीश (पाॉक्सो एक्ट) ज्ञानेंद्र सिंह यादव ने निर्णय सुनाया। पॉक्सो एक्ट के प्रावधानों के अनुसार पीड़िता को पुनर्वास के लिए 25000 रुपये की प्रतिकर धनराशि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हापुड़ द्वारा देय होगी।