हापुड़। नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव सरावा में 22 फरवरी 2018 में हुए प्रमोद त्यागी हत्याकांड में जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय ने मंगलवार को निर्णय सुनाया। जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने आरोपी सगे तीन भाइयों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 22-22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। वहीं, चौथे आरोपी की मामले की सुनवाई के दौरान मौत हो गई है।
नगर कोतवाली क्षेत्र के गांव सरावा निवासी सुनीता ने 22 फरवरी 2018 को कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें कहा कि 22 फरवरी 2018 की शाम करीब पांच बजे उसके पति प्रमोद त्यागी व पुत्र अंकित त्यागी खेत में फसल को पानी दे रहे थे। इसी बीच उसके रिश्ते में जेठ लगने वाले नीरज, अशोक, मुकेश, रामकुमार व भतीजे रूप खेत में रास्ता बनाने लगे। जिसका उनके पति द्वारा विरोध किया गया। जिस पर आरोपियों ने उनके पति के साथ गाली गलौज कर अभद्रता कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने लाठी-डंडों से पीट-पीटकर उसके पति को अधमरा कर दिया था। पुत्र अंकित ने अपने पिता को बचाने का काफी प्रयास किया। आरोपियों ने हत्या की धमकी देकर उसे डरा दिया था। आरोपियों ने उनके पति की बाइक भी क्षतिग्रस्त कर दी थी। उनके पति के जमीन पर गिरकर बेहोश होने के बाद आरोपी हत्या की धमकी देकर फरार हो गए थे। मामले की जानकारी पर वह और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। जिसके बाद पति प्रमोद त्यागी को एंबुलेंस में अस्पताल भिजवाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने प्रमोद त्यागी को मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस ने नीरज, अशोक, मुकेश, रामकुमार व रूप के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। जांच के दौरान साक्ष्य के अभाव में आरोपी रूप का नाम मुकदमे से निकाल दिया गया। मुकदमे की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश न्यायालय में चल रही थी। सुनवाई के दौरान चार फरवरी 2025 को आरोपी अशोक की मौत हो गई थी।
मंगलवार को सुनवाई पूरी होने पर जनपद न्यायाधीश ने मामले में निर्णय सुनाया। जनपद न्यायाधीश मलखान सिंह ने आरोपी नीरज, मुकेश व रामकुमार को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही दोषियों पर 22-22 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड की आधी धनराशि 33 हजार रुपये राज्य सरकार को देनी होंगी। वहीं शेष 33 हजार रुपये मृतक की पत्नी को बतौर प्रतिकर दिए जाएंगे।