गंगा नदी के किनारे के जंगल में तेंदुआ जैसा जानवर दिखाई देने से खेतों की रखवाली करने वाले किसानों में दहशत फैल गई है। तेंदुए के भय से पहले तो किसान उल्टे पांव गांवों में भाग गए। फिर किसानों ने तेंदुए को पकड़ने के लिए जंगल को घेर लिया।
लाठी-डंडें लेकर जंगल पहुंचे किसानों ने पहले जंगल और फिर फसलों में घुसकर बारीकी से छानबीन की। मगर तेंदुए का कोई अता-पता नहीं लगा। भयभीत किसानों से वन विभाग से टीम भेजकर तेंदुआ को पकड़ने की गुहार लगाई है।
गांव लठीरा के किशन सिंह और रूपराम बुधवार की रात में करीब नौ बजे अपने खेतों में खड़ी हरी सब्जी की फसल की नील गायों से रखवाली करने पहुंचे थे, तो उन्हें रास्ते में तेंदुए जैसा एक जानवर दिखाई दिया, जो गड्ढे में मुंह डालकर पानी पी रहा था।
जिसे देखते ही दोनों युवकों के होश उड़ गए। तेंदुआ आने की खबर फैलते ही खेतों में काम कर रहे किसान उल्टे पांव गांव की ओर भाग निकले। फिर गांवों से किसान लाठी डंडे लेकर जंगल पहुंचे।
किसानों ने जंगल और फिर फसलों में घुसकर काफी देर तक खोजबीन की, मगर तेंदुए का कोई अता-पता नहीं चल सका। हालांकि ग्रामीणों ने खोजबीन के दौरा मिट्टी पर तेंदुए के पैरों के निशान स्पष्ट तौर पर दिखाई देने का दावा भी किया।
ग्रामीणों का कहना है कि गंगा नदी के जलस्तर में इन दिनों तेजी के साथ बढ़ोतरी हो रही है। इससे गंगा नटी के तटीय इलाके वाले जंगल के झाड़-फूंस में रहने वाले जंगली जानवर वहां से पलायन कर खेतीबाड़ी से जुड़े जंगल की तरफ रुख कर रहे हैं।
प्रभारी रेंजर अशोक चौधरी का कहना है कि तेंदुआ आने की खबर महज अफवाह प्रतीत हो रही है, इसमें कोई सच्चाई नहीं है। फिर भी फौरी तौर पर विभागीय स्तर से टीम भेजकर जांच पड़ताल कराई जाएगी, जिससे ग्रामीणों में फैल रही अनावश्यक दहशत दूर हो सके।