सिंभावली। गांव हाजीपुर समेत आसपास के गांवों में तेंदुए की दहशत बनी हुई है। वन विभाग की मशक्कत के बावजूद तेंदुआ पकड़ में नहीं आ रहा है। जिसके कारण ग्रामीण जंगल में जाने से कतरा रहे हैं।
गांव हाजीपुर के जंगल में करीब एक सप्ताह पहले दूध लेकर लौट रहे जनपद बुलंदशहर के बीबीनगर क्षेत्र निवासी अवधेश शर्मा को तेंदुआ दिखाई दिया था, जिसके बाद कई बार ग्रामीणों ने तेंदुआ और पंजों के निशान देखे। वहीं गढ़ और सिंभावली क्षेत्र के कई गांवों में भी तेंदुआ बार-बार लोगों के सामने आ चुका है। वहीं शनिवार की देर रात गांव निवासी सुधीर रावल को भी खेतों के पास जंगली जानवर नजर आया।
चित्तौड़ा की घटना से दहशत में ग्रामीण
बहादुरगढ़ क्षेत्र के गांव चित्तौड़ा के जंगल में काम करने के दौरान 25 अप्रैल को तेंदुए ने हमला कर पांच किसानों को घायल कर दिया था। वहीं गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में तेंदुआ होने के चलते ग्रामीण डरे हुए हैं। जो तेंदुए के हमले के डर से खेतों पर जाने से भी कतरा रहे हैं। जिसके चलते पशुओं के चारे का संकट होने लगा है।
वन विभाग कर रहा कांबिंग
रेंजर मुकेश कांडपाल ने बताया कि सूचना के बाद से दो टीमों का गठन किया गया है, जो हाजीपुर समेत आसपास के गांवों के जंगल में कांबिंग कर रही हैं। वहीं जंगल में पिंजरा लगाया जा चुका है। संभवत: जल्द तेंदुआ पकड़ में आ जाएगा।