मतगणना के दौरान किसी भी पार्टी के सांसद या विधायक मतगणना स्थल पर एजेंट के रूप में उपस्थित नहीं होंगे। इसके अलावा प्रत्याशी जीत के बाद किसी प्रकार का विजय जुलूस भी नहीं निकाल सकेंगे।
डीएम अनिल ढींगरा ने मंगलवार को मतगणना को लेकर आयोजित राजनीतिक प्रतिनिधियों की बैठक के दौरान यह निर्देश दिए।कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में डीएम ने कहा कि मंडी परिसर में 14 काउंटिंग टेबल व दो पोस्टल बैलेट की टेबल को मिलाकर 16 काउंटिंग टेबल होंगी।
अंत में आरओ की मेज पर मिलान किया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक दलों को सलाह दी कि अपने चीफ इलेक्शन एजेंट को प्रशिक्षण जरूर दिलाएं, प्रशिक्षण आरओ देंगे। उन्होंने बताया कि मतगणना तिथि को सुबह आठ बजे कोई पोस्टल बैलेट डाक से प्राप्त होता है तो उसकी गिनती भी कराई जाएगी।
ईवीएम या पोस्टल बैलेट की गिनती एजेंट के सामने होगी। यदि किसी प्रतिनिधि को कोई आपत्ति है तो वह आरओ को बता सकता है। मतगणना कक्ष में कोई भी प्रत्याशी व एजेंट मोबाइल या कैलकुलेटर लेकर नहीं जा सकेगा।
किसी भी प्रत्याशी के जीतने पर विजय जुलूस पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा तथा आचार संहिता का पालन किया जाएगा। मतगणना स्थल की सुरक्षा के लिए पर्याप्त मात्रा में पुलिस बल तैनात किया गया है, किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार सहित सैय्यद अयाजुद्दीन, पवन त्यागी, संजीव त्यागी, अब्दुल मलिक, सतबीर सिंह मौजूद रहे।