संवाद न्यूज एजेंसी
हापुड़। बसों का संचालन सुधारने और यात्रियों के लिए अधिक सुविधाएं देने के लिए शहर के बीचों बीच बना रोडवेज बस अड्डा शहर से बाहर शिफ्ट कर हाईटेक बनाया जाना है। पिछले छह माह से हाईवे किनारे एस एकड़ भूमि की तलाश के लिए रोडवेज अधिकारियों द्वारा पत्राचार भी किया जा रहा है। लेकिन भूमि न मिलने के कारण बस अड्डे का इंतजार बढ़ता जा रहा है।
हापुड़ में मेरठ रोड पर रोडवेज बस अड्डा, डिपो और वर्कशाप एक साथ हैं और यह तीनों ही शहर के बीच में हैं। यहां से लखनऊ, बरेली, दिल्ली, हल्द्वानी, नोएडा सहित विभिन्न मार्गों के लिए 112 बसों का संचालन होता है। इससे बस अड्डा के आसपास और शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है। बस अड्डे में पीछे की तरफ वर्कशाप भी बनी है, जहां दर्जनभर बसें हमेशा खड़ी रहती हैं।
बस अड्डा शहर से बाहर बनाने के लिए रोडवेज विभाग मुख्यालय के अधिकारियों ने एआरएम को जमीन की तलाश करने के लिए छह माह पूर्व सेटेलाइट बस अड्डा बनाने के लिए दस एकड़ भूमि जमीन की तलाश करने के निर्देश दिए। हाईटेक बस अडड़े में एसी वेटिंग हाल, निशुल्क ठंडा पेयजल, आरामदायक बेंच, सबवे से प्लेटफार्म रूट, फूडकोर्ट, एलईडी डिस्प्ले बोर्ड, मार्डन टायलेट, एटीएम, लगेज चेकिंग स्कैनर आटोमैटिक एनाउसमेंट और बस प्लेटफार्म के साथ एसी मार्डन टर्मिनल जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ पूरा बस अड्डा सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में होगा।
इस संबंध में एआरएम संदीप कुमार नायक ने जिलाधिकारी प्रेरणा शर्मा को पत्राचार कर बुलंहदशर रोड, ततारपुर बाईपास, निजामपुर बाईपास पर हाईवे किनारे भूमि पलब्ध कराने की मांग की थी, लेकिन अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं हो सकी है। अब फिर से रोडवेज अधिकारियों ने एआरएम को राज्य सडक़ परिवहन निगम के बस अड्डा निर्माण के लिए दस एकड़ भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
एआरएम संदीप कुमार नायक का कहना है कि इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्राचार किया जा चुका है। जैसे ही जमीन उपलब्ध होगी तो प्रस्ताव बनाकर मुख्यालय को भेजा जाएगा।