रक्षाबंधन पर बहनों की भीड़ सड़क पर उतरी
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रक्षाबंधन पर बहनों की भीड़ सड़क पर उतरी तो कई दिनों से बेहतर बस सुविधा देने का रोडवेज प्रबंधन का दावा बृहस्पतिवार को फुस्स हो गया। बहने सुबह से ही बसों के इंतजार में भटकती रहीं। रोडवेज प्रबंधन की इस लापरवाही से डग्गामार वाहन चालकों ने खूब चांदी काटी।
रोडवेज अफसर रक्षाबंधन के दौरान बसों के बेहतर संचालन का दावा कर रहे थे लेकिन बहनों की भीड़ उमड़ते ही अव्यवस्था का आलम हो गया। रोडवेज बसों की किल्लत से परेशान बहनों को मजबूरी में डग्गामार वाहनों से सफर करना पड़ा।
ऐसे में डग्गामार वाहन चालकों ने भी खूब चांदी काटी। रक्षाबंधन के मद्देनजर रोडवेज अफसरों के दावे खोखले साबित हुए।
एआरएम एनपी सिंह का कहना है कि जिन मार्गों पर उनके डिपो की बसों का संचालन होता है। वहां बसों का संचालन बेहतर बना रहा। यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं हुई।
रक्षाबंधन पर ट्रेनों में भी जबरदस्त भीड़ रही। आलम यह रहा कि जिस शख्स को जहां जगह मिलती, वहीं बैठ रहा था। मेरठ-खुर्जा पैसेंजर, इंटरसिटी एक्सप्रेस, आला-हजरत एक्सप्रेस, पुशपुल में सबसे ज्यादा यात्रियों की भीड़ देखी गई।
यात्रियों को दिक्कत न हो,इसके लिए आरपीएफ और जीआरपी द्वारा सघन चेकिंग अभियान चलाया गया।
रेलवे विभाग और परिवहन निगम ने रक्षाबंधन के मद्देनजर ट्रेन और बसों के अतिरिक्त संचालन की कोई व्यवस्था नहीं की। इसके चलते बहनों को भारी परेशानी झेलनी पड़ीं। अमर उजाला टीम ने राखी के दिन आवागमन में हुई दिक्कतों की जो स्थिति देखी, पेश है उसका आंखों देखा हाल।