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Hapur News: रेलवे स्टेशन पर मूलभूत सुविधाओं का टोटा

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संवाद न्यूज एजेंसी
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हापुड़। कुचेसर रोड चौपला स्थित रेलवे स्टेशन पर न तो बैठने की व्यवस्था और न ही प्रकाश की व्यवस्था है। प्लेटफार्म नीचा होने के कारण यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में दिक्कत होती है। आसपास के गांवों के लोग सैकड़ों की संख्या में यहां से सफर करते हैं, लेकिन यहां अप डाउन में सिर्फ चार ट्रेनों का ही स्टॉप है। यात्री अनेक बार अन्य ट्रेनों के ठहराव की मांग कर चुके हैं लेकिन, कोई सुनवाई नहीं हो रही। पिछले सप्ताह जिला मुख्यालय पर आयोजित उद्योग व्यापार बंधुओं की बैठक में भी इस मुद्दे को रखा गया था।

कुचेसर रोड चौपला स्टेशन से रसूलपुर, उपैड़ा, रमपुरा, शकरपुर, दयानगर, मौहम्मदपुर आजमपुर, कनिया कल्याणपुर, मुबारिकपुर सलामतपुर, नली हुसैनपुर, बनखंडा, औरंगाबाद महमूदपुर सहित अन्य कई गांवों के लिए रोजाना दिल्ली और मुरादाबाद कामकाज और नौकरी करने ट्रेन से जाते हैं। लेकिन स्टेशन पर सिर्फ दो पैसेंजर ट्रेनों का ही ठहराव होने से यात्रियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
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स्टेशन पर सुबह के समय मुरादाबाद और दिल्ली के एक एक पैसेंजर ट्रेन का ठहराव है और रात्रि में भी उन्हीं ट्रेनों का ठहराव दिया गया है। दैनिक यात्री अनेक बार स्टेशन पर सत्याग्रह, इंटरसिटी, राज्यरानी, अवध असम एक्सप्रेस अन्य ट्रेनों के ठहराव की मांग उठा चुके है, लेकिन अभी तक किसी भी अन्य ट्रेन का ठहराव स्टेशन पर नहीं मिल सका है। ट्रेन का ठहराव दिया जाए तो आसपास के ग्रामीणों को अपने गंतव्य तक जाने के लिए परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी और रेलवे की आय में भी बढ़ोत्तरी होगी।

इसे साथ ही स्टेशन परिसर में सुविधाओं के अभाव में यात्रियों को हर दिन परेशान होना पड़ता है। स्टेशन पर प्रतिक्षालय, विश्रामालय की सुविधा की बात तो कौन करे, यहां तो प्लेटफार्म पर यात्रियों के बैठने की भी सुविधा नहीं है। स्टेशन पर मात्र एक हैंडपंप है, ट्रेन रुकने पर पानी भरने के लिए यहां यात्रियों की भीड़ एकत्रित हो जाती है। रात में प्रकाश व्यवस्था भी नहीं है और शौचालयों का भी अभाव है। यात्रियों को खुले आसमान के नीचे ट्रेन का इंतजार करना पड़ता है।
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स्टेशन अधीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि ट्रेनों के ठहराव का निर्णय रेलवे मुख्यालय द्वारा लिया जाता है। स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने के लिए कई बार रेलवे मुख्यालय को पत्राचार किया जा चुका है, मुख्यालय के आदेश के बाद ही स्टेशन की सूरत बदली जाएगी।
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