कोतवाली क्षेत्र के सरावा गांव में हाफिज इब्राहीम रहमातुल्लहा आल्ही की दरगाह पर कुरान की आयत लिखे पत्थरों को खुर्द-बुर्द किए जाने से तनाव फैल गया। इसकी भनक लगते ही दो थानों की पुलिस गांव में पहुंच गई। फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण शांति है। एहतियातन गांव में फोर्स तैनात कर दी गई है।
सरावा गांव में वर्षों पुरानी हाफिज इब्राहीम रहमातुल्ला आल्ही की दरगाह है। इसके लिए यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने बकायदा कमेटी का गठन भी किया था। इसमें मेरठ के श्याम नगर निवासी मोहम्मद अलीमुल्ला खां उर्फ मुल्लन मियां को अध्यक्ष बनाया गया था।
बताया जा रहा है कि दो दिन पूर्व मोहम्मद अलीमुल्ला खां उर्फ मुल्लन मियां का इंतकाल हो गया है। दरगाह की फिलहाल गांव निवासी यासीन मिस्त्री देखरेख कर रहे हैं। जबकि मरहूम मोहम्मद अलीमुल्ला खां उर्फ मुल्लन मियां के पुत्र मोहम्मद हमीदुल्ला खां कादिर राजशाही (प्रदेश राज्यमंत्री) भी दरगाह की बतौर सेक्रेटरी देखरेख करते हैं।
आरोप है कि गांव में रंजिशन उसी समुदाय के कुछ ग्रामीणों ने दरगाह पर पहुंचकर पहले तो यासीन के साथ अभद्रता की और वहां कुरान की आयत लिखे पत्थरों को खुर्द-बुर्द कर दिया। घटना की जानकारी राज्यमंत्री मोहम्मद हमीदुल्ला खां कादिर राजशाही हुई तो वह भी समर्थकों के साथ गांव में पहुंच गए।
इसकी भनक लगने पर तहसीलदार सुभाष सिंह, एसएचओ वीरेंद्र सिंह यादव, एसओ देहात दीक्षित त्यागी भारी पुलिस बल के साथ गांव में पहुंच गए। मोहम्मद हमीदुल्ला खां कादिर राजशाही का कहना है कि जिन लोगों ने यह काम किया है,
उनके खिलाफ कोतवाली और उच्चाधिकारियों को शिकायत दिया जा चुका है। वहीं, कुछ ग्रामीणों का कहना है कि दरगाह पर जो पत्थर लगा हुआ था, उस पर कोई धार्मिक बात नहीं लिखी थीं।
इस मामले में सीओ सिटी विशाल यादव का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल तनाव के चलते गांव में फोर्स तैनात कर दिया गया है।