पब्लिक स्कूलों में बच्चों को पढ़ाना अब आसान नहीं रहा है। यदि महंगे इंग्लिश मीडियम स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाना शुरू कर दिया तो आपकी पूरी कमाई बच्चे को 12वीं कराने में खत्म हो जाएगी।
इन स्कूलों में केजी क्लॉस की फीस सीसीएसयू से संबद्ध कालेजों से पीजी करने वाले विद्यार्थियों की फीस से भी ज्यादा है। शहर के कुछ प्रमुख स्कूलों में दाखिले की जंग जीतना आसान नहीं है।
सिफारिश के बाद पब्लिक स्कूल में एडमिशन मिल भी गया तो उनकी फीस चुकाना आम अभिभावकों के लिए मुश्किल है। स्कूलों के संचालक लाखों की कमाई कर रहे हैं। इनकी फीस चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ से संबंद्ध शहर के डिग्री कालेजों में संचालित एमए,
एमएससी और एमकॉम की एक साल की फीस से भी अधिक है। प्रमुख स्कूल एडमिशन,एनुअल फीस,सिक्योरिटी फीस आदि के नाम पर तमाम तरह के शुल्क जोड़कर हर वर्ष केजी कक्षा के लिए 500 से 1000 रुपये तक अधिक बढ़ा देते हैं।
बीएसए देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि फिलहाल स्कूलों की फीस बढ़ोत्तरी की कोई शिकायत नहीं मिली है। अगर कोई शिकायत मिलेगी तो स्कूलों के संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
ट्यूशन फीस-5 हजार से 12 हजार तक, एडमिशन फीस-3 हजार से 8 हजार तक, सिक्योरिटी फीस-500 से 1200 तक, किताबों का खर्च-500 से 2 हजार तक
पीजी क्लॉस की 1 साल की फीस, एमए-310 से लेकर 1460 रुपये तक, एमकॉम-315 से लेकर 1610 रुपये तक। एमएससी-1700 रुपये से ज्यादा।
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