संवाद न्यूज एजेंसी
गढ़मुक्तेश्वर। कार्तिक पूर्णिमा मेला स्थल पर पहुंचकर रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तैयारियों का जायजा लिया। हापुड़ और अमरोहा के सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा मेला प्रदेश की श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता का प्रतीक है। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि मेला श्रद्धा, अनुशासन और स्वच्छता के साथ संपन्न हो ताकि हर आगंतुक इस पावन तीर्थस्थल से शांति और आशीर्वाद लेकर लौटे।
दोपहर करीब एक बजकर 13 मिनट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का हेलीकॉप्टर मेला क्षेत्र में पहुंचा। उन्होंने गढ़ और तिगरी मेले का हवाई सर्वेक्षण किया। गंगा तट पर उन्होंने पंडित गोविंद शास्त्री, विनोद शास्त्री व अन्य ब्राह्मणों द्वारा कराए गए मंत्रोच्चारण के बीच गंगा पूजन कर दूध की धार चढ़ाई। इसके बाद अस्थायी पुलिस लाइन सभागार में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की।
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पावन अवसर पर हर साल लगभग 40 से 45 लाख श्रद्धालु गंगा तट पर स्नान और दीपदान के लिए पहुंचते हैं। इसलिए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और समन्वित हों, जिससे किसी को असुविधा न हो। उन्होंने यातायात, सुरक्षा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। शासन स्तर से इस वर्ष 30 अक्तूबर से छह नवंबर तक चलने वाले मेले को ‘मिनी कुंभ’ के रूप में आयोजित करने की योजना बनाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है। गंगा घाटों पर एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की तैनाती, सीसीटीवी व ड्रोन निगरानी, रेस्क्यू बोट और हेल्पलाइन सेंटर की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। वहीं, मेले को स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के संदेश से जोड़ने, एकल-उपयोग प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कराए जाने का भी निर्देश उन्होंने दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि घाटों पर समुचित संख्या में चेकर प्लेट लगाई जाएं। पैंटून पुल का परीक्षण करने, कटान वाले क्षेत्रों में सिंचाई विभाग द्वारा ड्रेजिंग कार्य शीघ्र पूर्ण कराए जाने की भी हिदायत दी।
उन्होंने कहा कि मेले के दौरान गहराई वाले जल क्षेत्रों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फ्लड यूनिट लगातार सतर्क रहे और जरूरी बैरिकेडिंग की जाए। अधिकारियों को श्रद्धालुओं से अनुशासित व्यवहार करने के लिए मेला क्षेत्र में ही काउंसिलिंग सत्र कराए जाने और मेला क्षेत्र को पूरी तरह खुले में शौच मुक्त, घाटों पर भीड़ नियमन, चेंजिंग रूम, स्वच्छ शौचालय, निर्बाध बिजली आपूर्ति और सभी स्थलों पर इलेक्ट्रिक सुरक्षा का ध्यान रखने के निर्देश दिए।
-आकर्षक सजावट कराने और योजनाओं के प्रचार का दिया निर्देश-
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेले में आकर्षक सजावट की जाए और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए होर्डिंग्स लगाए जाएं। इसके अलावा अस्थायी अस्पताल, एंटी-स्नेक वेनम और एंटी-रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त व्यवस्था, स्नान के दौरान पुलिस और एनडीआरएफ की पेट्रोलिंग बढ़ाने, जाम न लगने देने का भी निर्देश दिया।
इस दौरान भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सतेंद्र शिशौदिया, मंत्री कपिलदेव अग्रवाल, जिलाध्यक्ष नरेश तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा नागर, सांसद कंवर सिंह तंवर, विधायक हरेंद्र सिंह तेवतिया, राजीव तरारा, विजयपाल आढती, नगर पालिका चेयरमैन राकेश कुमार बजरंगी आदि मौजूद रहे।