झमाझम बारिश से शनिवार को पारा चार डिग्री और गिर गया। गलन बढ़ने के साथ ही शीतलहर के कारण ठंड से लोग बेहाल हो गए। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक यह बारिश फसलों के लिए बेहद लाभदायक है।
वहीं मौसम वैज्ञानिक ने अगले दो तीन दिन तक बारिश जारी रहने की आशंका जताई है। जनवरी महीने में भी अच्छी सर्दी नहीं पड़ने से किसान परेशान थे, क्योंकि गेहूं की कड़ाके की सर्दी में ही अच्छी पैदावार होती है।
शनिवार तड़के से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ। सुबह करीब 9 बजे झमाझम बादल बरसे तो किसानों के चेहरे खिल उठे। बरसात रुकने पर शीतलहर शुरू हो गई। इससे तापमान में चार डिग्री तक की गिरावट आने से लोगों की कंपकंपी छूटने लगी।
अधिकतम तापमान 16 डिग्री तो न्यूनतम तापमान 8 डिग्री दर्ज किया गया। आलम यह रहा कि दोपहर तक लोग घरों में दुबके रहे। गेहूं बुवाई की तैयारी में लगे किसानों को इस बारिश से झटका लगा है, क्योंकि अब उन्हें गेहूं बुवाई के लिए दोबारा खेत तैयार करने पड़ेंगे।
इसमें उन्हें कई दिन का समय लगेगा। वहीं आलू, सरसों, गन्ना व गेहूं की फसल के लिए यह बारिश वरदान साबित होगी। पिलखुवा में किसान भवेंद्र सिंह सिसौदिया डहाना, यशपाल सिंह सिसौदिया शाहपुर फगौता, मुकेश तोमर अनवरपुर ने कहा कि बारिश से गेहूं की पैदावार अच्छी होगी।
जिला कृषि अधिकारी शिवकुमार का कहना है कि सर्दियों में इस सीजन की यह पहली बारिश है। पहली बारिश के साथ अनेक पोषक तत्व फसलों को प्राप्त होते हैं, इससे फसलों का उत्पादन अच्छा होता है।
वहीं गढ़ में कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक सतीश चंद्र शर्मा ने कहा कि बारिश से गेहूं की पछेती बुआई रुक गई है, लेकिन खेतों में खड़ी गेहूं और गन्ने की फसल को फायदा मिलेगा। साथ ही सरसों पर लगा चैंपा रोग भी काफी हद तक धुल जाएगा।
मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और बिजनौर की तुलना में हापुड़, मेरठ, बागपत और मुरादाबाद जनपद का तापमान काफी अधिक चल रहा था, इससे हल्का साइक्लोन बनने पर बारिश हुई है। अगले दो तीन दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान है। डॉ.नफीस चौधरी, मौसम वैज्ञानिक
नाले चोक होने के कारण शनिवार को बारिश का पानी सड़कों पर भर गया। लोगों ने प्रदर्शन कर सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग की है। मीरा रेती मोहल्ले के लोगों ने शनिवार को सलीम कुरैशी के नेतृत्व में पालिका के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
लोगों ने बताया कि सफाई न होने से नाले गंदगी से अटे पड़े हैं। इतना ही नहीं पालिका के सफाईकर्मी भी सफाई के बाद कूड़ा-करकट नालों में डाल देते हैं। इसके चलते बारिश के बाद नालों का पानी सड़कों पर बहने लगा है।
इससे लोगों को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गुजरी मेले में अस्थाई दुकान लगाने वाले दुकानदारों को भी परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रदर्शन करने वालों में अनवार, कांति, जयप्रकाश, सुभाष, सुभान, फिरोज, अनस, सलमान, दानिश, नूर मौहम्मद, अब्दुल रज्जाक मौजूद रहे।
पालिका चेयरपर्सन संगीता पुरुषोत्तम ने कहा कि सफाई व्यवस्था में कोताही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पिलखुवा में चंडी मोहल्ला, गांधी बाजार, मुख्य चौराहा और शुक्लान में जलभराव और कीचड़ के कारण लोगों का काफी दिक्कत हुई।