सिंभावली क्षेत्र के फत्तापुर गांव के पास शुक्रवार देर शाम महिलाओं से भरा जुगाड़ स्टेयरिंग फेल होने के कारण रजवाहे में जा गिरा। हादसे में एक दर्जन महिलाएं घायल हो गईं। खेतों में कामकाज कर रहे किसानों और राहगीरों ने इन महिलाओं की जान बचाई।
इनमें से चालक सहित पांच महिलाओं की हालत गंभीर है। इन्हें हायर सेंटर हापुड़ रेफर कर दिया गया है। सिंभावली क्षेत्र के गांव बक्सर से जुड़े मजदूर परिवारों की दर्जनों महिलाएं आसपास के गांवों में मटर की छंटाई का काम करती हैं।
अक्खापुर गांव से लौटते समय देर शाम फत्तापुर गांव के पास स्टेयरिंग फेल होने से जुगाड़ अनियंत्रित होकर रजवाहे में गिरकर पलट गया। रजवाहे में गिरी महिलाओं की चीख पुकार सुनकर पहुंचे आसपास किसान और राहगीरों ने किसी तरह उन्हें पानी से बाहर निकाला।
इस हादसे में जुगाड़ चालक राजेंद्र निवासी फत्तापुर समेत बबली, पूनम, आरती, सुनीता, अनम, अफसाना, सुषमा, महेंद्री, कुसुम, जयवती, कलिया, रोशनी चोटिल हो गईं। इन्हें ग्रामीण सिंभावली में निजी चिकित्सक के पास ले गए। यहां से चालक राजेंद्र, बबली, सुनीता, आरती, महेंद्री को हायर सेंटर हापुड़ रेफर कर दिया गया है।
उधर, रामपुर में रिश्तेदार के घर आयोजित सगाई समारोह में भाग लेने के बाद मयूर विहार दिल्ली की रेशमा बृहस्पतिवार रात करीब 12 बजे कार से लौट रही थी। स्याना चौपला के ओवरब्रिज के पास पीछे से आ रहे कैंटर ने कार को टक्कर मार दी। हादसे में रेशमा, उसकी बेटी आलिया और कार चालक हरकेश घायल हो गया।
सड़क हादसों की बड़ी वजह साबित होने वाले जुगाड़ वाहनों पर हाईकोर्ट ने पूरी तरह रोक लगाने का आदेश दिया हुआ है। बावजूद इसके जुगाड़ वाहन धड़ल्ले से चल रहे हैं। ग्रामीण अंचल से लेकर हाईवे और मेरठ-बुलंदशहर रोड पर भी जुगाड़ फर्राटा भर रहे हैं।
इससे सरकारी राजस्व को चूना लगने के साथ ही जुगाड़ में सवारी करने वालों की जान भी जोखिम में पड़ रही है। एसओ दीक्षित त्यागी का कहना है कि जुगाड़ के संचालन पर पूरी तरह रोक लगी हुई है। विशेष अभियान चलाकर किसी भी रूप में संचालित हो रहे जुगाड़ वाहनों की धरपकड़ कराकर उन्हें सीज किया जाएगा।