जाटों को आरक्षण दिए जाने की भाजपा की वादा खिलाफी और आंदोलनकारियों पर गोली चलवाए जाने से कुपित जाट समाज ने तीनों राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव में भाजपा के खिलाफ संघर्ष का एलान कर दिया है। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने चुनाव में भाजपा के खिलाफ प्रचार करने की घोषणा की है।
बुधवार को मेरठ रोड स्थित जाट भवन में यशपाल मलिक ने पत्रकारों से कहा कि मोदी सरकार ने 26 मार्च 2015 को जाटों को आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन उन्होंने वादा खिलाफी की। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के 21 जिलों के छह मंडलों की 125 विधानसभा क्षेत्रों में जाटों की बड़ी जनसंख्या है। बिना जाटों के भाजपा का एक भी सीट पर खाता नहीं खुल सकता है।
उन्होेंने कहा कि हरियाणा में 14 फरवरी 2016 को आरक्षण की मांग कर रहे जाट समाज के लोगों पर भाजपा सरकार ने फायरिंग कर दी थी। इसमें 18 जाट नौजवानों की मौत हो गई थी और हजारों जाट घायल हुए थे। मलिक ने कहा कि भाजपा सरकार के खिलाफ समिति प्रचार करेगी। जाटों पर गोलियां चलवाने का जवाब समाज ईवीएम से देगा। गांव-गांव जाकर जाट समाज भाजपा की जन विरोधी नीतियों से लोगों को अवगत कराएगा।
वहीं, डॉ. एसपी सिंह ने कहा कि भारतीय सेना में जाटों की संख्या अच्छी खासी है। इस समाज को देशभक्त के रूप में जाना जाता है। समाज के लोगों की अनदेखी बर्दास्त नहीं की जाएगी। इस दौरान बब्बल प्रधान गिरधरपुर, मनोज तेवतिया, जगत सिंह, रविंद्र प्रधान, बिजेंद्र काकोड़ी, बोबी मौजूद रहे।