हापुड़। महाशिवरात्रि बुधवार को श्रद्धापूर्वक मनाया जाएगा। जिलेभर के शिवालयोंको जगमग लाइटों से सजाया गया है। नगर के सबली और छपकौली स्थित प्राचीन शिव मंदिर में जलाभिषेक की सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। सुबह 11:08 बजे से कांवड़िये भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करेंगे। वहीं मंदिरों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।
शिवरात्रि की पूर्वसंध्या से ही शिवभक्तों के जत्थे बम-बम भोले, हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ तेजी से अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे थे। गांव सबली और छपकौली स्थित शिव मंदिर के साथ जिले के सभी शिवालयों में हजारों शिवभक्त पवित्र गंगाजल से भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करेंगे। महाशिवरात्रि को देखते हुए मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
शिवालयों को रंग बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है। सबली मंदिर पर वाहन पार्किंग की व्यवस्था दुरुस्त की गई है। कांवड़ियों और श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेंडिंग की गई है। इसके साथ मंदिरों के बाहर व अंदर पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे, जो सुरक्षा के साथ-साथ व्यवस्था बनाने का काम करेंगे।
ज्योतिषाचार्य पंडित संतोष तिवारी ने बताया कि 26 फरवरी को मध्यान्ह 11:08 मिनट से चतुर्दशी तिथि का आरंभ होगा और 27 फरवरी को सुबह 8:54 तक चतुर्दशी तिथि रहेगी। भद्रा पाताल के होने से उसका दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा, इसलिए 26 फरवरी को 11:08 से कावडिय़ों के द्वारा शिवरात्रि का जलाभिषेक का शुभारंभ हो जाएगा। शिव महापुराण में अनेक प्रकार के शिवलिंगों की उपासना बताई गई है, जिसमें की भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों की उपासना सर्वोपरि है और पांच प्रकार के शिवलिंग बताए गए हैं। स्वयंभू लिंग, बिंदु लिंग, प्रतिष्ठा लिंग, चर लिंग और गुरु लिंग देशकाल के अनुसार जिसको जैसा संभव हो उसकी उपासना करनी चाहिए।
जलाभिषेक के दौरान इन बातों के रखें ध्यान
उन्होंने बताया कि पुत्र प्राप्ति के लिए दूध अभिषेक, स्नेह के लिए दही, मित्रता, पारस्परिक मैत्री व शांति के लिए घी का अभिषेक, दांपत्य जीवन सुखमय के लिए शक्कर मिश्रित दूध अभिषेक, धन के लिए शहद, व्यापार वृद्धि व धन प्राप्ति के लिए गन्ने का रस, रोग नाश के लिए गिलोय, विद्या प्राप्ति के लिए गंगाजल का अभिषेक करें। पंडित केसी पांडेय ने बताया कि जलाभिषेक करते समय गंगाजल को लेकर उत्तर की ओर मुख कर सबसे पहले भगवान गणेश, उसके बाद कार्तिकेय फिर नंदी, सर्प, पार्वती और अंत में शिवलिंग पर जलाभिषेक करें।