कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित उद्योग बंधु की बैठक में भाग लेते व्यापारी। स्रोत: संस्था
हापुड़। मेरठ रोड पर पंचशील काॅलोनी के पास बने रेलवे अंडरपास के रास्ते में आ रहे बिजली के मोटे तारों को हटाने का मुद्दा बृहस्पतिवार को जिला व्यापार बंधुओं की बैठक में फिर से उठा। इस पर सीडीओ श्रुति शर्मा ने कहा कि तारों को किसी तरह से ऊंचा उठाकर रास्ता सुचारू करा दो। उन्होंने अधिकारी के जवाबों को लेकर नाराजगी भी जताई।
जिला व्यापार बंधुओं की बैठक बृहस्पतिवार को सीडीओ श्रुति शर्मा की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट में हुई। संयुक्त व्यापार मंडल हापुड़ के अध्यक्ष ललित अग्रवाल ने शहर से बंदर और कुत्तों को पकड़वाने की मांग रखी। महामंत्री संजय अग्रवाल ने रेलवे अंडरपास के रास्ते में आ रहे तारों को जल्द से जल्द हटवाने की मांग रखी। इस मुद्दे का समाधान न होने पर व्यापारियों ने नाराजगी जताई। जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के अध्यक्ष जितेंद्र गोयल ने ब्रजघाट में अवैध रूप से पार्किंग वसूली शुल्क का मुद्दा उठाते हुए कार्रवाई की मांग की।
व्यापारी सुरक्षा फोरम संस्था के जिलाध्यक्ष अरुण गर्ग, महामंत्री दीपक गोयल और कोषाध्यक्ष विमेश गोयल ने कृषि उत्पादन मंडी समिति में व्यापारियों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया। सीडीओ ने संबंधित विभागों को समस्याओं का शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश दिए।
दस लाख तक के बकाया पर पूरा ब्याज और अर्थदंड होगा माफ
बैठक में उत्तर प्रदेश राज्य कर विभाग की ब्याज माफी योजना-2026 की जानकारी देते हुए व्यापारियों से इसका लाभ उठाने की अपील की गई। राज्य कर विभाग से उपायुक्त राम भवन, उपायुक्त लाल चंद्र और राज्य कर अधिकारी अंजली कुशवाहा ने बताया कि योजना के तहत 31 दिसंबर 2025 तक सृजित बकायों पर ब्याज और अर्थदंड में छूट दी जाएगी। इसमें उत्तर प्रदेश बिक्री कर, केंद्रीय बिक्री कर, व्यापार कर, प्रवेश कर और वैट समेत विभिन्न अधिनियमों के अंतर्गत सृजित मांगें शामिल हैं। योजना का लाभ लेने के लिए व्यापारियों को मूल बकाया धनराशि पूरी जमा करनी होगी। दस लाख रुपये तक के मूल बकाया पर पूरा ब्याज माफ होगा। दस लाख से एक करोड़ रुपये तक के बकाया पर ब्याज का 10 प्रतिशत जमा करना होगा, जबकि 90 प्रतिशत माफ किया जाएगा। एक करोड़ से पांच करोड़ रुपये तक के बकाया पर 25 प्रतिशत ब्याज जमा करना होगा और 75 प्रतिशत की छूट मिलेगी। पांच करोड़ रुपये से अधिक के बकाया पर 50 प्रतिशत ब्याज जमा करना होगा और शेष 50 प्रतिशत माफ होगा। सभी श्रेणियों में बकाया जमा नहीं करने के कारण लगाया गया अर्थदंड पूरी तरह माफ करने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि योजना के लिए तीन माह तक आवेदन कर सकते हैं।