फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Hapur News: फैक्टरियां की जांच के विरोध में सड़क पर उद्यमियों का प्रदर्शन

Wed, 12 Feb 2025 10:06 PM IST
गाजियाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हापुड़
विज्ञापन
विज्ञापन
हापुड़/धौलाना। मसूरी-गुलावठी औद्योगिक क्षेत्र में नौ विभागों द्वारा की जा रही फैक्टरियों की जांच के विरोध में बुधवार को उद्यमियों ने फैक्टरियों को बंद रखकर प्रदर्शन किया। फैक्टरियों के बंद रहने से करीब 30 कराेड़ के उत्पादन पर असर पड़ा है। बंद के समर्थन में एमजीआर इंडस्ट्रिएलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन और मसूरी-गुलावठी रोड इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन रहीं। जबकि, उद्योग बंधु वेलफेयर एसोसिएशन बंद के विरोध में रही। शाम को कलक्ट्रेट में हुई बैठक के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल सका है। हालांकि, उद्यमियों ने जांच को रोकने और एनओसी की कार्रवाई पूरी करने के लिए छह माह का समय मांगा है।
विज्ञापन


बुधवार की सुबह से ही एमजीआर इंडस्ट्रिएलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन और मसूरी-गुलावठी रोड इंडस्ट्रीयल एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य सड़क पर एकत्र होना शुरू हो गए। सभी ने एक-एक कर फैक्टरियों पर तालाबंदी की। वहीं, दूसरी ओर उद्योग बंधु वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी व सदस्य फैक्टरियों को खुलवाने में लगे रहे। इस एसोसिएशन से जुड़ी करीब 25 प्रतिशत फैक्टरियों में काम हुआ। इस क्षेत्र में करीब 1768 फैक्टरी पंजीकृत हैं।

एमजीआर इंडस्ट्रिएलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि यूपीसीडा और जिला प्रशासन के बीच हुए आपसी मतभेद के कारण औद्योगिक क्षेत्र में संचालित इकाइयों के संचालकों को परेशान किया जा रहा है। यूपीसीडा द्वारा अपने दायित्वों का सही प्रकार से निर्वहन नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण औद्योगिक क्षेत्र बदहाल है।
विज्ञापन


प्रदर्शन के दौरान उद्यमियों ने एक स्वर में कहा कि प्रशासन द्वारा की जा रही जांच रोकी जाए। जांच करने के तरीके सही नहीं है। जिस पर उद्यमियों को आपत्ति है। इस दौरान सचिव धीरज तोमर,अतुल बाटला, नितिन गोयल, कपिल गर्ग ,घनश्याम अग्रवाल, गुड्डू भाई, मोहित सिंह, अजय सिंह, उपस्थित रहे।


ए़डीएम ने उद्यमियों के साथ की बैठक

कलक्ट्रेट में शाम को एडीएम संदीप कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें एसडीएम और यूपीसीडा के आरएम भी मौजूद रहे। मसूरी- गुलावठी रोड इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के सचिव विपिन मोहन गर्ग ने बताया कि बैठक में सभी मुद्दों को रखा गया। छह माह के लिए जांच रोकने की मांग की गई है। जिससे उक्त अवधि में सभी एनओसी ले ली जाए। बैठक में पंजीयन से अलग दूसरी प्रकार की फैक्टरी के संचालन का मुद्दा प्रशासन की ओर से रखा गया। इस पर सभी उद्यमियों ने कहा कि ऐसे लोगों पर कार्रवाई हो, वह इसके पक्ष में नहीं हैं।



श्रमिकों ने पहली शिफ्ट में किया आराम, दूसरी में काम

बुधवार को बहुत सी फैक्टरियों के श्रमिक काम पर नहीं आए। जबकि, जिन फैक्टरियों के श्रमिक पहुंचे। उन्होंने पहली शिफ्ट में आराम किया। इसके बाद धरना देकर बहुत से श्रमिक चले गए। जबकि, दूसरी शिफ्ट में कुछ फैक्टरियों में काम भी हुआ। फैक्टरी बंद रहने का असर ऊर्जा निगम पर भी पड़ा है। रीडिंग की खपत करीब 50 प्रतिशत कम हुई। हालांकि, विभाग करीब 20 प्रतिशत का असर बता रहा है।
जांच हो, बंद से कोई समाधान नहीं
बंद कोई समस्या का समाधान नहीं है। उद्योग बंद न हो और पलायन न हो, इसके लिए डीएम से मुलाकात की थी। यूपीसीडा की जांच में सेटबैक के नियम को शामिल न किया जाए, यह नियम बदलने चाहिए। इसके कारण बहुत सारे उद्यमी कई एनओसी नहीं ले पा रहे हैं। हमने इसका विरोध जताया है। - आशु सिंघल, अध्यक्ष,उद्योग बंधु वेलफेयर एसोसिएशन

कोट -

उद्यमियों के साथ बैठक हुई है। प्रशासन नियमों और सुरक्षा मानकों का पालन करने व सभी एनओसी को तुरंत लेने के पक्ष में है। इसमें किसी प्रकार की कोई छूट नहीं दी गई है।
विज्ञापन


- संदीप कुमार, एडीएम



शुभम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें