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जनवरी में मार्च जैसी गर्मी, पैदावार घटने के आसार

Sun, 10 Jan 2016 10:36 PM IST
अमर उजाला, पिलख्ाुवा
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जनवरी में मार्च जैसी गर्मी पड़ने से फसल पैदावार घटने आसार हैं। कृषि विशेषज्ञों की भविष्य वाणी के बाद किसानों की चिंता बढ़ गई है। जनवरी में इस बार तापमान 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुुंच गया, जो पिछले 44 साल के रिकॉर्ड को तोड़ने वाले था।
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मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मार्च जैसा मौसम होने पर गेहूं समेत  तिलहन-आलू और दलहनी फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। गेहूं की खेती सर्वाधिक प्रभावित हो  रही है, क्योंकि अपेक्षित तापमान न होने से बाली जल्द निकलने पर उनके सूखने का खतरा संकट हो गया है।

कृषि प्राविधिक सतीश चंद्र शर्मा का कहना है कि जनवरी में 26 फीसदी तापमान होने गेहूं की खेती में 20 से लेकर 30 और आलू-दलहनी  तथा तिलहनी फसलों में 10 से लेकर 15 फीसदी तक नुकसान होने का अनुमान है। क्योंकि गेहूं की उन्नत पैदावार के लिए 60 से 90 दिनों तक तापमान 15 डिग्री सेल्सियस से कम रहना जरूरी है।
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मुरादनगर कृषि अनुसंधान केंद्र के फसल सुरक्षा वैज्ञानिक डॉ. अरविंद कुमार यादव का कहना है कि गेहूं और आलू की फसल में नमी बनाए रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए सिंचाई के साथ ही नियमित तौर पर नाइट्रोन-फॉस्फोरस की घुलनशील मात्रा 200 लीटर पानी में मिलाकर शाम को प्रति एकड़ से शाम को छिड़काव करें। 20 फॉस्फेटिक कल्चर पैकेट प्रति एकड़ के हिसाब से मिट्टी में मिलाकर शाम को बुरकाव करते रहें।
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