ब्रजघाट। गंगानगरी में ज्येष्ठ गंगा दशहरा पर्व पर श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए बुधवार की देर शाम आईजी नचिकेत झा ने निरीक्षण किया। जिन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम से बचाव के इंतजाम समेत पार्किंग की व्यवस्था देखी।
इस दौरान आईजी ने गंगा तट पर फ्लोटिंग बैरिकेडिंग लगाने और अन्य घाटों पर भी बैरिकेडिंग दुरुस्त कराने का भी निर्देश दिया। उन्होंने गंगा घाट पर स्नान के दौरान तैनात रहने वाले निजी गोताखोरों से वार्ता की। आईजी ने गोताखोरों के पास गंगा में डूबने से बचाव को लेकर मौजूद उपकरणों का भी जायजा लिया। इस दौरान आईजी ने कहा कि स्नानार्थियों की सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। गंगा घाट पर लगातार पुलिसकर्मी गश्त करें और संदिग्धों पर नजर बनाए रखें। जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे बनी पार्किंग और पलवाड़ा रोड पर अस्थाई वाहन पार्किंग का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि हाईवे पर किसी वाहन को खड़ा न होने दिया जाए। इस बार गंगा मेले को जाम मुक्त बनाना होगा, यातायात पुलिसकर्मी समेत बाहरी फोर्स भी तैनात रहेगा। वहीं उन्होंने 15 जून की दोपहर 12 बजे से लागू होने वाले भारी वाहनों के रूट डायवर्जन का भी सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी सीसीटीवी कैमरों की जांच कराकर उन्हें चालू कराया जाए। मेलावधि में हर समय सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पर नजर रखी जाए। इस मौके पर एसपी अभिषेक वर्मा, एएसपी राजकुमार अग्रवाल, सीओ आशुतोष शिवम समेत अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
डूबने से बचाव के पूरे इंतजाम
गंगा दशहरा मेले पर आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी वाहिनी समेत निजी गोताखोरों की टीम मौजूद रहेंगी। इसके अलावा 10 नाव भी घाटों पर लगातार गश्त करेंगी।
11 वाहन पार्किंग तैयार होंगी
अधिक श्रद्धालुओं की पहुंचने की संभावना के कारण नौ अस्थाई वाहन पार्किंग और 2 स्थाई पार्किंग तैयार की जाएंगी। जिससे जाम मुक्त मेला बनाया जा सके। इसके अलावा छह बाइक मौजूद रहेंगी, जिन पर पुलिसकर्मी लगातार गश्त करेंगी।
आधा दर्जन से अधिक वॉच टॉवर लगेंगे
सीओ ने बताया कि घाट पर उमडऩे वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए आधा दर्जन से अधिक वॉच टॉवर तैयार कराए जा रहे हैं। सभी पर दूरबीन के साथ पुलिस कर्मी निगरानी करेंगे।
घाट को 15 स्थानों में बांटा
सीओ ने बताया कि सुरक्षा की दृष्टि और भीड़ को नियंत्रण करने के लिए घाट पर 15 प्वाइंट तैयार किए गए हैं। जहां पर पुलिस समेत गोताखोरों की टीम मौजूद रहेगी और दो खोया पाया केंद्र तैयार किए गए हैं।