एक वर्ष से वेतन न मिलने के विरोध में मंगलवार को आशाओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने मंगलवार को सीएचसी पर हंगामा कर चिकित्सा अधिकारी और ज्वाइन डायरेक्टर का घेराव किया। चिकित्सा अधीक्षक को हटाने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन किया।
सीएचसी पर मंगलवार को आशाएं एकत्रित हुई। यहां उन्होंने पिछले एक वर्ष से वेतन न मिलने के विरोध में जोरदार हंगामा करते चिकित्सा अधीक्षक को हटाने को लेकर धरना दिया। आशा मनोज तोमर ने कहा कि आशांए कड़ी मेहनत कर टीकाकरण, सरकारी अस्पताल में डिलवरी कराने में अपना योगदान देती हैं।
लेकिन अभी तक उनका पिछले एक वर्ष से वेतन नहीं मिल पाया है। इससे उनके सामने आर्थिक संकट पैदा हो रहा है। उन्होंने कहा कि आशाओं ने अपने वेतन के लिए वाउचर जमा कर दिए हैं, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक की लापरवाही के कारण उन्हें अभी तक वेतन नहीं मिल सका है।
आशा राजेंद्री ने कहा कि वेतन न मिलने के कारण उनके बच्चों का एडमिशन नहीं हो पा रहा है और उन्हें आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ रहा है। सीएससी में अल्ट्रासाउंड न होने के कारण उन्हें प्राइवेट अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड कराना पड़ता है।
राजेन्द्री ने सीएचसी के अधिकारी प्रसव कराने वाले मरीजों से रिश्वत मांगने और चिकित्सा अधीक्षक की लापरवाही के कारण अस्पताल में सफाई व पानी की व्यवस्था न होने का आरोप लगाया।
इस दौरान आशाओं ने सीएचसी का निरीक्षण करने पहुंची ज्वाइंट डायरेक्टर अंजु जोधा व सीएचसी अधीक्षक सुरेश यादव कर घेराव कर चिकित्सा अधीक्षक को हटाने की जोरदार मांग उठाई। हंगामा कर रही आशाओं ने वेतन न मिलने तक कार्य बहिष्कार कर अनिश्चितकालीन धरना देने की चेतावनी दी।
हालांकि सीएमओ डा.अविनाश सिंह के आश्वासन के बाद आशाओं ने धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान बबली, ऊषा, राजेन्द्री, अंजना, ममता, विमला शर्मा, बबीता, सन्ना, बीना, आरती आदि मौजूद रही।
चिकित्सा अधीक्षक सुरेश यादव का कहना है कि कुछ आशाओं ने वाउचर जमा नहीं किए हैं, जिस कारण उनका वेतन उनके खातों में नहीं पहुंच सका है। इसके अलावा अनेक आशाओं के बैंक खाता नहीं खुला होने के कारण वेतन भेजने में परेशानी हो रही है।
वेतन की मांग को लेकर सीएचसी अस्पताल में हंगामा कर रही आशाओं में एक आशा मनोज अचानक बेहोश हो गई। इससे आशाओं में हड़कंप मच गया।
सीएचसी में धरना प्रदर्शन की सूचना पर सीएमओ डा.अविनाश सिंह और डीआईओ संजीव कुमार मौके पर पहुंचे। सीएमओ ने इस संबंध में आशाओं से वार्ता करनी चाही तो आशाओं ने वार्ता करने से इंकार कर सीएमओ से तत्काल वेतन दिलाने की मांग की। बाद में सीएमओं डा.अविनाश सिंह ने 20 अप्रैल से उनका वेतन दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद आशाओं ने धरना प्रदर्शन बंद कर दिया।