हापुड़/पिलखुवा। जनपद में आठ साल बाद जमीनों के सर्किल रेट बढ़ने जा रहे हैं, इसमें हापुड़ और धौलाना तहसील क्षेत्र में सबसे अधिक 20 से 30 प्रतिशत तक दरें बढ़ाने का प्रस्ताव है। प्रस्तावित दरें जारी होने के साथ ही आम लोगों की चिंता बढ़ गई है। सबसे बड़ी चिंता धौलाना तहसील क्षेत्र को लेकर है। जहां तेजी से औद्योगिक इकाइयां लग रही हैं। ऐसे में सर्किल रेट बढ़ने से जमीनों के दाम बढ़ेंगे और इससे उद्यमी क्षेत्र से दूरी बना सकते हैं, जबकि यह क्षेत्र दिल्ली, गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर से लगा हुआ है।
एमजी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के सदस्य विपिन गर्ग, दीपक शर्मा ने बताया कि धौलाना के मुकाबले गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर में जमीनों के दाम कई गुना अधिक हैं। धौलाना क्षेत्र से एनएच-09, पेरिफेरल आदि जुड़ा है। यहीं से ही आने वाले दिनों में जेवर एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी बेहतर हो जाएगी। यही कारण है कि गाजियाबाद और गौतमबुद्धनगर के अलावा दिल्ली के उद्यमी भी बड़ी संख्या में यहां फैक्टरी लगा रहे हैं।
वर्तमान में धौलाना के एमजीआर औद्योगिक क्षेत्र में अकेले करीब 1700 फैक्टरी हैं। इसके अलावा अन्य जगहों पर मिलाकर एक हजार से अधिक छोटी व बड़ी औद्योगिक इकाइयां हैं। यही कारण है कि इस क्षेत्र में उद्यमी बड़ी संख्या में जमीनें खरीद रहे हैं। ऐसे में अब धौलाना तहसील क्षेत्र में 30 प्रतिशत तक सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसका असर जमीनों की बिक्री पर पड़ सकता है। सर्किल रेट बढ़ने का सीधा मतलब है कि प्रॉपर्टी खरीदते समय नंबर एक की रकम भविष्य में ज्यादा चाहिए।
जिले की तीनों तहसीलों में यह हैं प्रस्तावित दरें : उप निबंधक कार्यालय ने वर्तमान प्रभावी सर्किल दर को पुनरीक्षित कर प्रस्तावित सूची चस्पा कर दी है, इसमें हापुड़ तहसील क्षेत्र में 20, गढ़ में 10 और धौलाना में 30 प्रतिशत तक अधिकतम सर्किल रेट बढ़ाने का प्रस्ताव है।
उसमें भी हापुड़ तहसील क्षेत्र के शहरी इलाके में 20 व ग्रामीण में 10 से 15 प्रतिशत, गढ़मुक्तेश्वर के आधे हिस्से में पांच से 10 प्रतिशत और धौलाना तहसील के शहरी इलाके में 20 प्रतिशत व ग्रामीण इलाके में 25 से 30 प्रतिशत तक प्रस्तावित दरें बढ़ाई गई हैं।