हापुड़। टीबी जांच के 100 दिन के अभियान में स्वास्थ्य विभाग जिले के करीब तीन लाख लोगों की आईडी निक्षय पोर्टल पर बनाएगा। टीबी की सघन जांच के साथ ही अन्य महत्वपूर्ण जांच कराकर इन्हें स्पेशल श्रेणी में रखा जाएगा। ताकि जिले में बैक्टीरिया से फैलने वाली बीमारियों पर नियंत्रण रखा जा सके।
जिले को मार्च 2025 तक टीबी मुक्त करने की तैयारी है। विभाग में अभी भी करीब 2500 लोगों के टीबी पॉजिटिव होने का रिकॉर्ड है। सीएचसी में भी हर रोज नए मरीज खोजे जा रहे हैं। जिले की 20 फीसदी आबादी के बीच छिपे टीबी के मरीजों को खोजने के लिए विभाग ने योजना तैयार की है।
इसमें 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग, किडनी, लिवर संबंधी बीमारी, कैंसर, हेपेटाइटिस, एड्स जैसी बीमारी वाले लोगों को शामिल करते हुए इनकी आईडी तैयार की जाएगी। प्राथमिकता से इनका एक्सरे और बलगम की जांच होगी। टीबी की रिपोर्ट निगेटिव आने पर निक्षय पोर्टल पर इसकी एंट्री की जाएगी।
इसके तहत हाईरिस्क की श्रेणी में आ रहे करीब तीन लाख लोगों की प्राथमिकता से जांच हो सकेगी। ऐसे में टीबी का खतरा भी दूर होगा और जिले को टीबी मुक्त किया जा सकेगा। बता दें कि जिले की पांच ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं, 40 से अधिक की सूची शासन में भेजी गई है। इन गांवों का सर्वे करने के लिए प्रदेशीय टीम आएगी, जिसके बाद मानकों पर खरा उतरने के बाद इन गांवों को भी टीबी मुक्ति का प्रमाण पत्र मिलेगा। 100 दिन के अभियान में अधिकारी जन प्रतिनिधियों से भी सहयोग मांग रहे हैं।
सीएचसी की ओपीडी में रोज आ रहे तीन से चार मरीज
हापुड़ सीएचसी की ओपीडी में हर रोज तीन से चार मरीज टीबी पॉजिटिव आ रहे हैं। लंबे समय तक बुखार, खांसी बने रहना, कमर दर्द जैसे लक्षणों में टीबी निकल रहा है। बहुत से मरीजों की रीढ़, आंख, किडनी और अन्य अंगों में भी टीबी मिल रहा है।
लक्षण आने पर तत्काल कराएं जांच
टीबी के लक्षण आने पर तुरंत ही सरकारी अस्पतालों में जाकर निशुल्क जांच अवश्य करा लें। ताकि टीबी अन्य लोगों को बीमार न कर सके। जिले के सभी लोग इस अभियान में अपना सहयोग दें। - डॉ.सुनील त्यागी, सीएमओ।