बाबूगढ़ में हाईवे किनारे स्थित दूध प्लांट परिसर में लगे बर्फ के कारखाने में सोमवार सुबह अमोनिया गैस का रिसाव होने से हड़कंप मच गया। पास में ही स्थित इंटर कॉलेज छात्राओं को उल्टियां होने लगी। आनन-फानन में स्कूल प्रबंधन ने कॉलेज की छुट्टी कर छात्राओं को घर पहुंचाया।
हालांकि, फैक्ट्री प्रबंधन ने तुरंत टेक्नीशियन को बुलाकर गैस का रिसाव बंद कराया। सूचना पर एडीएम और एसओ ने भी प्लांट का निरीक्षण किया। जानकारी के अनुसार बाबूगढ़ कस्बे में हाईवे किनारे पाल डेयरी का दूध का प्लांट है।
इसी प्लांट परिसर में बर्फ बनाने का कारखाना भी है। फैक्ट्री मालिक का परिवार भी प्लांट के परिसर में ही रहता है। बताया जा रहा है कि सोमवार सुबह बर्फ की सिल्ली निकालते समय फरमा अमोनिया गैस की सप्लाई करने वाले नोजिल पर गिर गया,
जिससे नोजिल क्षतिग्रस्त हो गया और गैस का रिसाव होने लगा। इसके चलते आसपास के इलाके में लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगी और आंखों में जलन होने की शिकायत होने लगी। दहशत का आलम यह रहा कि आसपास के मकानों में रहने वाले लोगों में भगदड़ मच गई।
लोग घरों से निकलकर भागने लगे। करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित इंटर कॉलेज की छात्राएं आरती, दीपांशा, वर्षा,पूजा और दो अध्यापिका जैसे ही स्कूल में पहुंची तो उन्हें उल्टियां होने लगी। आनन फानन में सभी को बछलौता रोड के अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उधर, स्कूल की प्रधानाचार्या सुधा गुप्ता ने एहतियातन स्कूल की छुट्टी करा दी।
प्लांट के मालिक जगदीश पाल ने बताया कि 15 मिनट में फैक्ट्री के टेक्नीशियन ने गैस की सप्लाई रोककर रिसाव बंद कर दिया। छात्राओं के बेहोश होने की खबर अफवाह है। उनका परिवार भी परिसर में ही रहता है। किसी को कोई परेशानी नहीं हुई। अमोनिया गैस कुछ दूर तक फैली जरूर थी।
घटना की सूचना मिलते ही एडीएम रजनीश राय और थानाध्यक्ष बाबूगढ़ विजय बहादुर सिंह भी मौके पर पहुंच गए। एडीएम का कहना है कि उनके पहुंचने तक गैस का रिसाव बंद हो चुका था। मौके पर सब कुछ सामान्य मिला।